तेलंगाना की जनता को धोखा देने वाली कांग्रेस के नेता राहुल गांधी किस मुँह से तेलंगाना आए : एरोला श्रीनिवास

हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) पूर्व कॉर्पोरेशन चेयरमैन डॉ. एरोला श्रीनिवास ने कांग्रेस सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कड़ी आलोचना करते हुए प्रश्न किया कि चुनाव में बेरोजगार युवाओं से किए वादे तक पूरे नहीं करने वाले राहुल गांधी क्या मुंह लेकर तेलंगाना आए हैं?

भारास मुख्यालय तेलंगाना भवन में मीडिया से बात करते हुए एरोला श्रीनिवास ने कहा कि चुनाव से पहले आशोकनगर आकर राहुल गांधी ने बेरोजगार युवाओं को सत्ता में आते ही पहले ही वर्ष 2 लाख नौकरियाँ देने का वादा किया, जिस पर भरोसा करके आईसीयू में पड़ी कांग्रेस को तेलंगाना की जनता ने ऑक्सीजन देकर जिंदा किया परंतु सत्ता में आने पर राहुल गांधी की कांग्रेस ने तेलंगाना की जनता को डुबो दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जारी सभी डिक्लेरेशन तेलंगाना में डेथ डिक्लेरेशन साबित हुए हैं।

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स्कूटी व विद्या योजना वादों पर निशाना

एरोला श्रीनिवास ने कहा कि 2 लाख नौकरियां देने के साथ ही बेरोजगारों को प्रति माह 4 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता तक देने का वादा करके कांग्रेस ने छला है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को स्कूटी देने, विद्या भरोसा योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये देने जैसे कई वादे किए गए लेकिन सब के सब कांग्रेस ने सत्ता में आते ही भुला दिये। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि रोजाना सुबह उठते ही संविधान की प्रति हाथ में लेकर घूमने वाले राहुल गांधी तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के किए जा रहे अन्याय पर क्यों मौन साधे बैठे हैं? उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार 60 हजार नौकरियां दिए जाने के दावे ठोक रही है, इस पर दम हो तो अशोकनगर में खुली चर्चा के लिए आएं।

एरोला श्रीनिवास ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विकाराबाद के अनंतगिरी हिल्स में कांग्रेस के कार्यक्रम में राहुल के आने के चलते युवाओं, विद्यार्थियों को अवैध रूप से हिरासत में ले लिया गया, विरोध जता रहे युवाओं पर लाठियां तक बरसाई गईं, जो अन्याय है। उन्होंने गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को बिना शर्त रिहा करने की मांग की, साथ ही चिंता जताते हुए कहा कि राज्य के गृह मंत्री का पद मुख्यमंत्री के पास है। कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। शिक्षा मंत्री का पद मुख्यमंत्री के पास है। शिक्षा व्यवस्था चरमरा चुकी है। गुरुकुलों में करीब 130 विद्यार्थियों की मौत हुई, लेकिन मुख्यमंत्री ने समीक्षा तक नहीं की। क्या प्रजा शासन इसी प्रकार का होता है। अवसर पर बोम्मरा राममूर्ति, इम्तियाज अहमद, फयाज, गांधी नायक आदि उपस्थित थे।

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