ड्रग्स के खिलाफ युवाओं को दिलाई गई शपथ
हैदराबाद, विश्व ड्रग्स दिवस (इंटरनेशनल डे अगेन्स्ट ड्रग अब्यूज एण्ड इलिसिट ट्रैफिकिंग) के संदर्भ में आज नेकलेस रोड पर आयोजित कार्यक्रम में तेलंगाना एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो के निदेशक संदीप शांडिल्या ने युवाओं को ड्रग्स के खिलाफ शपथ दिलाई। इस कार्यक्रम का आयोजन तेलंगाना एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो और दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और किन्नरों के सशक्तिकरण हेतु गठित विभाग के तत्वावधान में किया गया।

इस कार्यक्रम में परिवहन व पिछड़ी जाति कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर, आदिवासी कल्याण मंत्री अडलूरी लक्ष्मण कुमार, जीएचएमसी महापौर गदवाल विजयलक्ष्मी, हैदराबाद जिलाधीश हरिचंदना दासरी आदि ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के तहत ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए विशेष रूप से निर्मित लघु फिल्म का विमोचन करने के अलावा रैली व मानव श्रृंखला का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पुलिस आयुक्त सी.वी. आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना पुलिस हैदराबाद समेत तेलंगाना को गांजा व ड्रग्स रहित बनाने के लिए कमर कस ली है। देशभर में तेलंगाना ही एक मात्र ऐसा राज्य है, जहाँ ड्रग्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए तेलंगाना एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो का गठन किया गया है। ब्यूरो के तहत एक ओर ड्रग्स तस्करों की नकेल कसी जा रही है।
युवाओं में ड्रग्स के प्रति चेतना अभियान हो तेज
वहीं दूसरी ओर विशेषकर युवाओं में ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता लाने के भी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में कुछ ऐसे भी देश है, जहाँ पर ड्रग्स के उपयोग को वैधानिक रूप भी दिया जा रहा है। विशेषकर दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका जैसे देशों में मरिजुआना (गांजा) के सेवन को खुली छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि भारत में भी कुछ राज्य सरकारों की गलत नीतियों के कारण ड्रग्स का प्रचलन बढ़ रहा है, जिसका युवा पीढ़ी पर काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।



सी.वी. आनंद ने नाम न लेते हुए कहा कि हैदराबाद के कुछ ऐसे प्रतिष्ठित स्कूल व कॉलेज है, जहाँ के छात्रों को ड्रग्स का सेवन करते हुए पाया गया है। इस कारण इन शैक्षणिक संस्थानों की छवि भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अकेले पुलिस और सरकार इस चुनौती का सामना नहीं कर सकती है। इसीलिए इसके खिलाफ युवाओं में जागरूकता लाते हुए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत शैक्षणिक संस्थानों के अलावा अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में ड्रग्स के खिलाफ रैली और जागरूकता कार्यक्रम बड़े पैमाने पर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने इस चुनौती का सामना करने के लिए मीडिया की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। मीडिया के माध्यम से ड्रग्स के बुरे प्रभाव को दर्शाया जा सकता है।
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ड्रग्स की लत से युवाओं को बचाने का आह्वान
सी.वी. आनंद ने कहा कि कोविड के समय युवा एक जगह इकट्ठा होते थे और इस दौरान सिगरेट, शराब आदि का अधिक सेवन किया जाता था। वर्तमान समय में भी युवा इसी प्रकार एक जगह इकट्ठा होकर सिगरेट, शराब से कुछ आगे बढ़कर गांजा और ड्रग्स का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मंत्री, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के परिवारों में भी इस समस्या को देखा गया। इस प्रचलन को यदि नहीं रोका गया, तो यह राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी खतरा हो सकता है।



तेलंगाना एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो के निदेशक संदीप शांडिल्या ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को ड्रग्स के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि यह समस्या हर किसी से जुड़ी हुई है। विशेषकर युवा पीढ़ी इसकी लत का शिकार हो रही है। उन्होंने कहा कि शराब, सिगरेट का सेवन एक कल्चर माना जा रहा है और जो युवा सिगरेट और शराब नहीं पीते, उनके साथी उन्हें हीन भावना से देखते हैं और उन्हें अनकल्चर्ड बताते हैं। इस प्रकार बहकाकर दोस्त ही अपने साथियों को गलत रास्ते पर ले जा रहे हैं। एक समय था किसी देश को बर्बाद करने के लिए आतंकवादी भेजे जाते थे, लेकिन वर्तमान समय में ड्रग्स भेजकर देश की युवा पीढ़ी को बर्बाद कर देश को बर्बाद करने के कार्य किए जा रहे हैं। संदीप शांडिल्या ने कहा कि इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए तेलंगाना सरकार बड़े पैमाने पर कार्य कर रही है, जिसके तहत ही देश में पहली बार तेलंगाना एंटी नारकोटिक्स ब्यूरो का गठन किया गया।
इस अवसर पर जल विहार से नेकलेस रोड रेलवे स्टेशन तक रैली निकाली गई और ड्रग्स के खिलाफ हस्ताक्षर करते हुए मानव श्रृंखला बनाई गई।
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