अरुणाचल प्रदेश में पिछले छह वर्षों में 165 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया : मंत्री नातुंग
ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री मामा नातुंग ने सोमवार को विधानसभा को यह सूचित किया कि पिछले छह वर्षों के दौरान राज्य के उग्रवाद प्रभावित जिलों तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग में विभिन्न उग्रवादी संगठनों के कुल 165 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक थांगवांग वांगहाम के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि जनवरी 2020 से दिसंबर 2025 के बीच तिरप जिले में 47, चांगलांग में 41 और लोंगडिंग में 77 उग्रवादियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष हथियार डाले।
नातुंग ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास योजना के तहत लाभ दिए जाते हैं। उन्होंने सदन को सूचित किया कि पिछले वर्ष नौ जनवरी से लोअर दिबांग घाटी जिले के भीष्मकनगर में एक पुनर्वास शिविर संचालित हो रहा है, जहां वर्तमान में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व उग्रवादी रह रहे हैं। उनके कौशल विकास के लिए विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
हालांकि इस योजना के तहत प्रत्यक्ष रोजगार या आवास का प्रावधान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनर्वास नीति के तहत पुनर्वासित सदस्यों के छोटे अपराधों से जुड़े मामलों को ही सरकारी नियमों के अनुसार वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त उग्रवादियों को कानून की पूरी प्रक्रिया का सामना करना होगा और आत्मसमर्पण को आपराधिक दायित्व से माफी के रूप में नहीं माना जाएगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास और उनकी आजीविका की स्थिति की नियमित निगरानी करती है। योजना को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 6,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गयी है और पुनर्वास बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 109.10 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। (भाषा)
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