200 करोड़ रुपये की बेनामी प्रॉपर्टी के लिए रियलटर की हत्या

हैदराबाद, मेडचल जिले के जवाहर नगर इलाके में रियलटर वेंकटरत्नम की हत्या की जांच पड़ताल में खुलासा हुआ है कि लगभग 200 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी की झगड़े की वजह से हुई है। वेंकटरत्नम वर्ष 1996 में हैदराबाद के धूलपेट में गुडम्बा डॉन के नाम से विख्यात सुधेश सिंह के कार चालक के तौर पर शामिल हुआ था, कहा जा रहा है कि वर्ष 2000 में वह पुलिस का सरकारी गवाह बन गया और वर्ष 2001 के दौरान सुदेश सिंह के एनकाउंटर की वजह बना।

पता चला है कि वेंकटरत्नम उस समय से ही सुधेश सिंह के परिवार से बच कर फिर रहा था, यहां तक कि वह सुधेश सिंह के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ था। पुलिस जांच में बताया जा रहा है कि इसी बैकग्राउंड में सुधेश सिंह के लड़के ने पांच अन्य लोगों के साथ मिलकर सोमवार सुबह जवाहर नगर के साकेत कॉलोनी में वेंकटरत्नम पर चाकुओं से वार किया और पिस्तौल से गोली मार दी, जिस कारण वेंकटरत्नम की मौके पर ही मौत हो गयी।

सूत्रों के अनुसार उस समय सुधेश सिंह ने अपने कार चालक वेंकटरत्नम पर भरोसा किया और नानकरामगुड़ा, खाजागुडा, कोल्लूर, गच्चीबौली और दूसरे सबसे महंगे इलाकों में दर्जनों प्रॉपर्टी उसके नाम पर रजिस्ट्री करवा लीं। अभी इनकी कीमत 200 करोड़ रुपये से ज़्यादा आंकी जा रही है।

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वेंकटरत्नम वर्ष 2000 के दौरान सरकारी गवाह बन गया और उसने पुलिस से बचकर फिर रहे सुधेश सिंह के बारे में पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। उसके बाद वेंकटरत्नम अपने आपको बचाने के लिए लम्बे समय तक किसी एक स्थान पर नहीं रुकता और अक्सर जगह बदलता रहता था। बताया जाता है कि उसने अपनी प्रॉपर्टी दिखाकर और रियल्टर बनकर कई लोगों से पैसे वसूले और उन्हें पैसे लौटाने के बजाए उल्टे उन्हें धमकियां दी।

बैंक ऑक्शन से शुरू हुआ विवाद

हाल ही में, सुधेश सिंह से जुड़ी एक प्रॉपर्टी का मामला बैंक ऑक्शन में गया। लेकिन, प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज वेंकटरत्नम के नाम पर थे, इसलिए सुधेश सिंह के लड़के चंदन सिंह ने इस बारे में पूछताछ की। इस दौरान उसे पता चला कि वेंकटरत्नम पुलिस का मुखबिर बन गया था और उसी की वजह से उसके पिता का एनकाउंटर हुआ था। इसके अलावा, उसने यह भी पहचान लिया कि उसके पिता से जुड़ी सारी प्रॉपर्टीज़ उसके नाम पर हैं और उसने उसे टारगेट किया।

इसी सिलसिले में चंदन सिंह हाल ही में वेंकटरत्नम से मिला और प्रॉपर्टी से जुड़े मामले पर बात की। चंदन सिंह ने उससे अपने पिता से जुड़ी सारी प्रॉपर्टीज़ वापस करने को कहा। लेकिन, वेंकटरत्नम की इस बात पर बहस हो गई और उसने धमकी दी, ‘एनकाउंटर में मैंने तुम्हारे पिता का जैसा हाल किया था, वैसा ही तुम्हारा भी करूंगा।’ इस बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। चंदन सिंह ने वेंकटरत्नम को मारने के लिए चार और लोगों के साथ एक स्केच बनाया।

उसने उसके ठिकाने की तलाश की। इसी सिलसिले में, चंदन सिंह के गैंग को पता चला कि वेंकटरत्नम सात महीने पहले साकेत कॉलोनी में शिफ्ट हो गया था। उन्होंने देखा कि वेंकटरत्नम अकेले नहीं, बल्कि तीन-चार लोगों के साथ बाहर जाता था, और वह भी रात में, जैसे ही कार घर के सामने आती, वह उसमें बैठ जाता था। पिछले 15 दिनों से चंदन सिंह का गैंग स्विगी और जोमैटो बॉय के रूप में सुबह से रात तक जासूसी कर रहा था। उन्हें पता चला कि वेंकटरत्नम अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के बाद सुबह करीब 7.30 बजे अकेले वापस आता था।

15 दिन की जासूसी के बाद चंदन सिंह गैंग ने रीअलटर की हत्या की

उसी समय, उसे टारगेट कर चंदन सिंह ने अपने साथियों जुम्मे रात बाजार के सिक्योरिटी गार्ड वड्डे वेंकट नारायण (39), ऑटो मैकेनिक के. नरेश कुमार (28), ईशान शर्मा (19), मधुबन कॉलोनी के एन. पवन कुमार (20) और पुराना पुल के ऑटो चालक नरसिंह (26) की मदद से वेंकटरत्नम को घात लगाकर ठिकाने लगा दिया। ये सब मिलकर कुछ समय से वेंकट रत्नम की हरकतों पर नजर रख रहे थे।

बताया जा रहा है कि चंदन सिंह और उसके साथी हैदराबाद पुलिस आयुक्तालय के गोशामहल पुलिस थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि, पुलिस अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं। राचकोंडा पुलिस के मुताबिक, हत्या के आरोपी फरार हैं। चूंकि बड़े अधिकारी तेलंगाना राइजिंग समिट में व्यस्त हैं, इसलिए आरोपियों की गिरफ्तारी और दूसरी जानकारी एक-दो दिन में सामने आने की संभावना है।

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