हैदराबाद, परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने की ज़रूरत है, इससे एक ओर ईंधन की बचत होगी वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को प्रदूषित होने के बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के मामले में दिल्ली के पश्चात हैदराबाद का नंबर आ रहा है, समय रहते इस समस्या से नहीं निपटा जाएगा तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते है। इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकारी कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 20 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी और प्रत्येक सरकारी विभाग में भी इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जाएगे।
राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक काटेपल्ली वेंकटरमना रेड्डी, बिरला ऐलय्या,के आर नागराजू, भूपति रेड्डी द्वारा पूछे गये प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि प्रधान मंत्री ई ड्राइव के तहत राज्य में 875 आरटीसी बसें चल रही हैं और जल्द ही 2800 नई ईवी बसें आने वाली हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक आरटीसी में 35 प्रतिशत ईवी बसे और वर्ष 2035 तक 80 प्रतिश ईवी बसे संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इनके साथ ही, केंद्र सरकार की स्कीम के जरिए वरंगल नगर पालिका को 100 बसें और निज़ामाबाद नगर पालिका को 50 बसें मिलने वाली हैं। मंत्री ने बताया कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद राज्य में ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) पॉलिसी लाई गई हैं, जिसके तहत ईवी वाहनों पर पंजीकरण और टैक्स पर शत प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस साल एक लाख ईवी वाहन बिके हैं, जिन पर 900 करोड़ रुपये के टैक्स की शत प्रतिशत रियायत दी गयी है। बेचे गये ईवी वाहनों में 83 प्रतिशत दुपहिया वाहन, 11 प्रतिशत कार और 2 प्रतिशत पैसेंजर वाहन शामिल है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में ऑटो की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और निकट भविष्य में केवल ईवी आटो को ही अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनियां ईवी गाड़ियों की बैटरी क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठा रही हैं और चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के लिए भी कदम उठाए जा रहे है।
गाड़ियों का 25 से 50 प्रतिशत ईवी गाड़ियां खरीदें
सभी सरकारी विभागों, रेलवे व बस स्टेशनों, गेटेड कम्युनिटी क्षेत्रों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों में चार्जिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। कर्मचारियों के लिए 20 परसेंट डिस्काउंट देने के लिए ईवी पॉलिसी के तहत मैन्युफैक्चरर और डीलर के साथ एक मीटिंग रखी गई है और ईवी वाहनों पर सब्सिडी लागू होने से सरकार को टैक्स में 900 करोड़ रुपये का नुकसान होने के बावजूद सरकार ईवी पॉलिसी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि एक ज़रूरी पॉलिसी लाने पर विचार किया जाना चाहिए ताकि बहुराष्ट्रीय कंपनियां और शैक्षणिक संस्थान अपनी गाड़ियों का 25 से 50 प्रतिशत ईवी गाड़ियां खरीदें।
सरकार सरकारी गाड़ियों में भी 25-50 प्रतिशत ईवी गाड़ियां खरीदने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्क्रैप पॉलिसी के तहत 15 साल से ज़्यादा पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने को बढ़ावा देने के लिए सरकारी आदेश भी जारी किया है, लेकिन ग्रीन टैक्स के नाम पर पुराने वाहनों को पुनः जारी किया जा रहा है, स्क्रैप पॉलिसी के तहत ग्रीन टैक्स को हटाने के लिए केंद्र सरकार को फैसला लेना है और इसके संबंध में केंद्र सरकार से आग्रह भी किया गया और नीति के तहत राज्य में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर सरकार की ओर से उन्हे नया वाहन खरीदने में टैक्स में छूट भी दी जाएगी।
विधायकों से अपने चुनाव क्षेत्रों में ईवी वाहनों में सफर करने और लोगों के लिए एक आदर्श बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार ने हैदराबाद में प्रदूषण कम करने के लिए कदम उठाए हैं, और इसी के तहत मुख्यमंत्री ने हाल ही में शहर में पेट्रोल और डीजल ऑटो को ईवी वाहन में बदलने के लिए रेट्रो-फिटिंग के मुद्दे पर समीक्षा भी की है।
ईवी वाहनों के उपयोग में तेलंगाना को देश भर में आदर्श के रूप में तैयार करने की दिशा में बड़े पैमाने पर कदम उठाए जा रहे है। पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि आरटीसी के विलय और आरटीसी में यूनियन को रद्द करने के मामले पर नीतिगत स्तर पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के मामले में आरटीसी की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकार आरटीसी में ईवी बसों को अमल में लाते हुए प्रदूषण नियंत्रण के लिए यहीं से शुरुआत कर रही है।
