आबकारी विभाग की कार्यशैली से अवगत हुए 45 नए उप-जिलाधीश

हैदराबाद, राज्य में ग्रुप-1 परीक्षा से चुने गए 45 नए उप-जिलाधीशों को आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। नामपल्ली स्थित आबकारी भवन में संयुक्त आयुक्त यासीन कुरैशी ने नए उप-जिलाधीशों को आबकारी पुलिस की कार्यशैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आबकारी सरकार के लिए राजस्व जुटाने वाला महत्वपूर्ण विभाग है।

आबकारी भवन में नए उप-जिलाधीशों को विभागीय जानकारी

आबकारी विभाग सरकार को मिलने वाली आय के संतुलन पर भी पैनी नजर रखता है। कुरैशी ने बताया कि तेलंगाना आबकारी अधिनियम, 1968 के तहत सरकार अपनी शराब नीति बना सकती है। तेलंगाना में इस समय 2,620 शराब की दुकानें हैं। इन दुकानों और बारों का चयन हर दो साल में लॉटरी के जरिए किया जाता है। निर्माता कंपनियाँ तय कीमत पर शराब को तेलंगाना बेवरेजेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड को उपलब्ध करवाती हैं।

यह भी पढ़ें… प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

वहाँ से डिपो के माध्यम से शराब दुकानों व बारों तक पहुँचाई जाती है, फिर ग्राहकों को बेची जाती है। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों को यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड की फैक्ट्री दिखाने ले जाया गया, जहाँ उन्हें शराब बनाने की प्रक्रिया समझाई गई। इस प्रशिक्षण से नए डिप्टी कलेक्टरों को आबकारी विभाग की व्यवस्था तथा राजस्व प्रणाली को समझने में मदद मिली।  

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button