पर्याप्त आपूर्ति, कीमतों में गिरावट को देखते हुए सरकार ने गेहूं पर स्टॉक सीमा हटाई

नयी दिल्ली, सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने गेहूं पर स्टॉक रखने की सीमा हटा दी है क्योंकि घरेलू बाजार में पर्याप्त भंडार है और थोक बाजार में कीमतें गिर रही हैं। मई, 2025 में केंद्र सरकार ने गेहूं के स्टॉक पर सीमा लगाई थी कि थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता और प्रोसेसर अपने पास कितना स्टॉक रख सकते हैं। इस कदम का मकसद जमाखोरी को रोकना और कीमतों को नियंत्रित करना था।

खाद्य मंत्रालय ने एक सरकारी बयान में कहा कि त्योहारी मौसम से पहले उपलब्धता में सुधार के बाद गेहूं स्टॉक सीमा का आदेश जारी किया गया था। मंत्रालय ने कहा कि कीमतों की लगातार निगरानी और आने वाले त्योहारी मौसम से पहले गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के हिस्से के रूप में, केंद्र सरकार ने 27 मई, 2025 के गेहूं स्टॉक सीमा आदेश को वापस लेने का फैसला किया है।

हालांकि, गेहूं का स्टॉक रखने वाली सभी संस्थाओं को हर शुक्रवार को फूड स्टॉक पोर्टल पर स्टॉक की स्थिति घोषित करनी होगी। मंत्रालय ने कहा कि वर्ष 2025-26 के लिए डीएफपीडी पोर्टल पर निजी संस्थाओं द्वारा गेहूं स्टॉक की घोषणा के अनुसार, निजी संस्थाओं के पास गेहूं स्टॉक की उपलब्धता पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में काफी अधिक है। रिपोर्ट किया गया कुल स्टॉक लगभग 81 लाख टन है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 30 लाख टन अधिक है, जो देश में आरामदायक आपूर्ति की स्थिति को दर्शाता है।

पीडीएस और कल्याण योजनाओं के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

बयान में कहा गया है कि उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य आंकड़ों से गेहूं की कीमतों में गिरावट का रुझान दिखता है, खासकर थोक खंड में। थोक कीमतें (पिछले साल) 2,970.10 रुपये प्रति क्विंटल से गिरकर अभी लगभग 2,852.30 रुपये प्रति क्विंटल रह गई हैं, जो घरेलू बाजारों में कम मांग और अधिक आपूर्ति की स्थिति का संकेत देता है। गेहूं का रकबा भी पिछले साल के 328.04 लाख हेक्टेयर की तुलना में बढ़कर लगभग 334.17 लाख हेक्टेयर हो गया है।

मंत्रालय ने कहा कि यह सुनिश्चित एमएसपी और खरीद की संभावनाओं के कारण गेहूं की खेती के लिए किसानों की लगातार पसंद को दर्शाता है और एक और अच्छी फसल की संभावना का संकेत देता है। सरकार ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), अन्य कल्याणकारी योजनाओं और संभावित बाजार हस्तक्षेपों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त गेहूं उपलब्ध है। बयान में कहा गया है कि खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग देश में आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गेहूं की कीमतों और स्टॉक की स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है। (भाषा)

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