अग्नि दुर्घटना में प्रमाणों को नुकसान नहीं : शिखा गोयल
हैदराबाद, नामपल्ली स्थित तेलंगाना फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में अग्नि दुर्घटना के बाद अ़फवाहों का बाज़ार गर्म होते देख तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण अदालती मामलों से जुड़े प्रमाणों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो निदेशक शिखा गोयल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण अदालती मामलों से जुड़े प्रमाण या तो संबंधित प्राधिकरणों को लौटा दिये गये या सुरक्षित हैं। पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसीबी जाँच से जुड़े 2015 के मामले (मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ पूर्व में दर्ज वोट फॉर नोट) सहित किसी भी महत्वपूर्ण मामले से जुड़े साक्ष्यों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।
उल्लेखनीय है कि मुख्य विपक्षी दल बीआरएस ने आशंका जताई थी कि शनिवार को लगी आग में वर्ष 2015 के नोट-फॉर वोट मामले से संबंधित डिजिटल साक्ष्य नष्ट हो सकते हैं, जिसमें कथित तौर पर मुख्यमंत्री का नाम जुड़ा है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की निदेशक शिखा गोयल ने मीडिया को बताया कि इस संबंध में स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह करीब 10.08 बजे आग लगी। कर्मचारियों ने तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर प्रतिक्रिया दी।
आग से कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय और एचआर कक्ष को नुकसान
एफएसएल में मौजूद सभी तकनीकी उपकरणों की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई और दमकल कर्मियों ने दोपहर 1.30 बजे तक आग पर काबू पा लिया। आग से एफएसएल भवन के प्रथम तल की कुछ सुविधाओं को नुकसान पहुँचा, जिनमें कंप्यूटर फॉरेंसिक्स प्रयोगशाला, पुस्तकालय और मानव संसाधन विकास कक्ष शामिल हैं। अधिकारी फिलहाल नुकसान के स्तर का आकलन कर रहे हैं। आकलन पूरा होने के बाद आगे की जानकारी साझा की जाएगी।
शिखा गोयल ने आग लगने के कारणों और एफएसएल की संपत्ति को हुए नुकसान को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को बेतुका और निराधार बताते हुए इन्हें खारिज कर दिया। साथ ही मीडिया और सोशल मीडिया के कुछ हिस्सों में दो मामलों से जुड़े प्रमाण को कथित नुकसान की अपुष्ट खबरों को उन्होंने नकार दिया। उन्होंने कहा कि केस प्रॉपर्टी का बड़ा हिस्सा सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया गया है। उसे उचित सुरक्षा में रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण मामलों से जुड़े साक्ष्य पहले ही संबंधित न्यायालयों में जमा कराए जा चुके हैं।
यह भी पढ़ें… रेलवे बोर्ड ने किया अखिल रेल हिन्दी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन
उस मामले से संबंधित सामग्री अब एफएसएल में उपलब्ध नहीं
वर्ष 2015 के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मामले से जुड़ी संपत्ति को नुकसान पहुँचने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उस मामले में एफएसएल को कुल 16 भौतिक साक्ष्य प्राप्त हुए थे और उनकी रिपोर्ट उसी वर्ष एसीबी अदालत में सौंप दी गई। इस मामले से संबंधित कोई भी सामग्री कल एफएसएल में उपलब्ध नहीं थी। फोन टैपिंग मामले पर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एफएसएल को मार्च 2024 से जनवरी 2026 के बीच कुल 136 भौतिक साक्ष्य प्राप्त हुए थे।
इनमें से सात को छोड़कर सभी की जाँच पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट संबंधित प्राधिकरण को सौंप दी गई है। शेष सात भौतिक साक्ष्यों की जाँच फिलहाल जारी है और उनकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। साथ ही यह भी पुष्टि की कि एफएसएल में मौजूद सभी भौतिक साक्ष्य सुरक्षित रूप से बरामद कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालय की अधिकांश सुविधाएँ पूरी तरह कार्यरत हैं। जिन सुविधाओं को कुछ नुकसान पहुँचा है, उन्हें जल्द चालू किया जाएगा। दुर्घटना के बाद बड़ी मात्रा में केस प्रॉपर्टी को सुरक्षित रूप से बरामद कर उचित सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया है।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



