महादेवप्पा की आत्महत्या पर भाजपा आक्रोशित
हैदराबाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने मक्तल नगरपालिका चुनाव में भाजपा प्रत्याशी एरुकला महादेवप्पा की आत्महत्या की वजह सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं की धमकी और उत्पीड़न को बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।आज सुबह महादेवप्पा के परिजनों से भेंट करने के बाद रामचंदर राव ने आरोप लगाया कि नारायणपेट जिले में कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के इशारे पर महादेवप्पा को लगातार प्रताड़ित किया।
महादेवप्पा अनुसूचित जनजाति समुदाय से थे और मक्तल नगरपालिका के छठे वार्ड से चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि मक्तल में भाजपा की रैली सफल होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने फोन पर धमकियां देना शुरू किया। लगातार धमकियों से परेशान होकर ही महादेवप्पा आत्महत्या करने को मजबूर हुए। रामचंदर राव ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और स्थानीय लोगों व पार्टी कार्यकर्ताओं से घटना की पूरी जानकारी ली।
पीड़ित परिवार से मिलने के बाद कांग्रेस पर बरसे रामचंदर राव
इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि महादेवप्पा की पत्नी ने स्पष्ट किया कि उनके पति को चुनाव जीतने का पूरा भरोसा था, लेकिन कांग्रेस नेताओं की धमकियों से परिवार लगातार भय में था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं दबावों के चलते महादेवप्पा ने आत्महत्या की। रामचंदर राव ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मृतक की पत्नी अशिक्षित हैं और इसी का फायदा उठाकर पुलिस ने उनके हस्ताक्षर लेकर तथ्यों में बदलाव कर फर्जी एफआईआर दर्ज की।
पुलिस को चेतावनी दी कि कानून के अनुसार काम न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, पुलिस को सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति परिवार के साथ यह एक गंभीर अन्याय है। कुछ समय पहले महादेवप्पा को जबरन कांग्रेस का खंडवा पहनाया गया था, लेकिन बाद में वे भाजपा में लौट आए और एक ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में चुनाव मैदान में उतरे।
रामचंदर राव ने जिला एसपी से मौके पर पहुंचकर जांच करने, फर्जी एफआईआर सुधारने और पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि मानवाधिकार आयोग भी मामले की जांच के लिए पहुंचेगा। साथ ही, लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के तत्काल निलंबन की मांग की गई। अध्यक्ष ने महादेवप्पा के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा करते हुए भरोसा दिलाया कि पार्टी पोस्टमार्टम और एफआईआर में सुधार होने तक पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। लोकसभा में किशन रेड्डी ने इस दुखद घटना के लिए तेलंगाना की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया और मुख्यमंत्री के गृह जिले में हो रही धमकी की राजनीति की कड़ी निंदा की। उधर, डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि संविधान की बात करने वाले राहुल गांधी को भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
महादेवप्पा आत्महत्या मामला, भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग से की हस्तक्षेप की मांग,
राज्य में नगर निकाय चुनाव प्रचार समाप्त होने और 11 फरवरी को मतदान से ठीक पहले मक्तल नगरपालिका के वार्ड नंबर-6 से भाजपा उम्मीदवार एरुकुला महादेवप्पा की आत्महत्या के मामले ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। भाजपा ने इस घटना को गंभीर बताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और पुलिस पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।

आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव, महासचिव डॉ. एन. गौतम राव समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान पूरे राज्य में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। कई स्थानों पर शिकायतें देने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, बल्कि कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर भाजपा कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों को धमकाया गया।
ज्ञापन में बताया गया कि रामागुंडम में वार्ड नंबर-1 से भाजपा उम्मीदवार को धमकाकर चुनाव से हटने को मजबूर किया गया, जबकि मंचीरियाल में कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की मौजूदगी में भाजपा उम्मीदवार और कार्यकर्ताओं को खुलेआम धमकियां दीं।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मक्तल में आज तड़के करीब 5.30 बजे भाजपा उम्मीदवार एरुकुला महादेवप्पा ने आत्महत्या कर ली।
मृतक की पत्नी ने मीडिया और पार्टी नेताओं को बताया कि एक राज्य मंत्री सहित स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने महादेवप्पा को चुनाव जीतने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। कांग्रेस नेताओं ने महादेवप्पा को मतदान के दिन घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी थी। इसी डर के चलते उन्होंने आत्महत्या कर ली।
11 फरवरी के मतदान और 16 फरवरी को होने वाले चेयरमैन चुनाव
भाजपा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुबह करीब 6.30 बजे मृतक की पत्नी के बयान मीडिया में आने के बावजूद पुलिस ने सच्चाई को दबाने का प्रयास किया। पुलिस ने मृतक की बेटी से एक सादे कागज पर मनमाना बयान लिखवाया और बाद में उसी के आधार पर मक्तल थाने में क्राइम नंबर 42/2026 के तहत मामला दर्ज किया, जो पूरी तरह से गलत है।
पार्टी नेताओं ने बताया कि अस्पताल में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के दौरान मृतक की पत्नी और बेटी ने साफ कहा कि महादेवप्पा ने कांग्रेस नेताओं की प्रताड़ना के कारण आत्महत्या की। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को कमजोर करने और सत्तारूढ़ नेताओं को बचाने के लिए भ्रामक केस दर्ज किया।
भाजपा ने पुलिस की कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और अनैतिक करार देते हुए संबंधित इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित करने की मांग की। साथ ही उन्हें 11 फरवरी के मतदान और 16 फरवरी को होने वाले चेयरमैन चुनाव तक किसी भी चुनावी ड्यूटी से दूर रखने का भी आग्रह किया।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



