ईरान-अमेरिका शांति वार्ता आज? पाकिस्तान में हलचल

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 नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट पर जारी गतिरोध और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की अभूतपूर्व तैनाती के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंच गए। उनकी यह यात्रा क्षेत्रीय शांति और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को गति देने के व्यापक कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है।

ईरान के विदेश मंत्रालय जारी किया बयान

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अरघची की यात्रा के दौरान इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता की कोई योजना नहीं है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए अराघची इस्लामाबाद पहुंचे। उनका स्वागत उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।

इशाक डार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के विदेश मंत्री महामहिम अब्बास अराघची, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी का इस्लामाबाद में स्वागत करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हमारे सार्थक संवादों की उम्मीद है।

ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, अराघची पाकिस्तान, ओमान और रूस की यात्रा पर हैं। इस दौरे का मकसद द्विपक्षीय परामर्श करना, क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करना और अमेरिका-इजरायल के साथ लादे गए युद्ध की स्थिति पर बातचीत करना है।

ट्रंप ने विटकॉफ-कुशनर को पाकिस्तान  रवाना

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान को मध्यस्थता का केंद्र बनाते हुए तेज कदम उठाए हैं। व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर शनिवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे। वे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करेंगे। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस जरूरत पड़ने पर शामिल हो सकते हैं।

पाकिस्तान की भूमिका

पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में उभरा है। इशाक डार और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अराघची के साथ मुलाकात में युद्धविराम, क्षेत्रीय स्थिरता और लंबित मुद्दों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय शांति के लिए निरंतर संवाद पर जोर दिया।

अमेरिका-ईरान एक दूसरे की शर्तों पर तैयार नहीं

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी हटाने को एक मुख्य शर्त बनाया है। वहीं, अमेरिका ने इससे इनकार किया है। ईरान ने यह भी कहा है कि वह अपनी जब्त संपत्तियों की तुरंत रिहाई भी चाहता है। अमेरिका ने भी ईरान से शांति वार्ता के लिए कई शर्तें रखी हैं, जिनमें एनरिच्ड यूरेनियम को लौटाना, परमाणु हथियार न बनाने का वादा करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना शर्त खोलना शामिल है।

स्टैंडबाय पर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के विटकॉफ और कुशनर के साथ पाकिस्तान आने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वह स्टैंडबाय पर हैं और अगर बातचीत में कुछ प्रगति होती है, तो वह पाकिस्तान जा सकते हैं। उनकी अनुपस्थिति, ईरान के स्पीकर मोहम्मद-बाघेर गालिबफ़ की अनुपस्थिति जैसी ही है, जिन्हें व्हाइट हाउस बातचीत का मुख्य वार्ताकार मानता है।(भाषा)

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