फिनलैंड की तर्ज पर तेलंगाना करेगा व्यावसायिक शिक्षा का कायाकल्प

हैदराबाद, सरकार द्वारा शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार और वैश्विक मानकों को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में शिक्षा विभाग सचिव डॉ. योगिता राणा के नेतृत्व में उच्च स्तरीय चालीस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में फिनलैंड का पाँच दिवसीय आधिकारिक दौरा किया। इसका उद्देश्य फिनलैंड के शिक्षा मॉडल की शैक्षणिक, प्रशासनिक और प्रणालीगत बारीकियों को समझना था, ताकि तेलंगाना की शिक्षा व्यवस्था में सार्थक बदलाव लाते हुए व्यावसायिक शिक्षा का कायाकल्प किया जा सके।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अध्ययन यात्रा के दौरान यह बात मुख्य रूप से सामने आई कि फिनलैंड में व्यावसायिक शिक्षा को अकादमिक शिक्षा के समान ही स्थान दिया जाता है। भारत में जहाँ तकनीकी कौशल को अक्सर अंतिम विकल्प माना जाता है, वहीं फिनलैंड ने इसे राष्ट्रीय समृद्धि का आधार बनाया है। इस देश का लचीला पाठ्यक्रम और योग्यता आधारित शिक्षण छात्रों को अपनी गति से सीखने की आजादी देता है।

साथ ही यहाँ राष्ट्रीय योग्यता ढाँचे के तहत हजारों लर्निंग यूनिट्स उपलब्ध हैं, जिससे छात्र बिना किसी बाधा के व्यावसायिक क्षेत्र से उच्च शिक्षा की ओर बढ़ सकते हैं। फिनलैंड के मॉडल की सबसे बड़ी खूबी वहाँ का कार्य-आधारित शिक्षण और उद्योग जगत के साथ मजबूत जुड़ाव है। कार्य-आधारित की अनिवार्यता तथा उद्योग जगत के विशेषज्ञों द्वारा छात्रों के सीधे मूल्यांकन ने यहाँ रोजगार दर को लगभग 90 प्रतिशत तक पहुँचाया है।

आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों की प्रगति जारी

तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर कहा गया कि तेलंगाना के वर्तमान व्यावसायिक परिदृश्य में आईटीआई और पॉलिटेक्निक जैसे संस्थानों ने प्रगति तो की है, लेकिन वह अभी भी पाठ्यक्रम की कठोरता और सीमित प्रगति मार्गों जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं। राज्य में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के प्रति सामाजिक धारणा अभी भी इसे एक माध्यमिक विकल्प के रूप में देखती है, जिसके कारण रोजगार के परिणाम फिनलैंड की तुलना में काफी कम हैं।

इस अंतर को पाटने के लिए तेलंगाना को एक प्रभावी तथा चरणबद्ध सुधार एजेंडा अपनाना होगा। दीर्घकालिक सुधारों के तहत माध्यमिक स्तर पर व्यावसायिक और सामान्य शिक्षा का एकीकरण करना और इस क्षेत्र से जुड़ी सामाजिक वर्जनाओं को दूर करने के लिए व्यापक अभियान चलाना अनिवार्य है। फिनलैंड की सफलता का मूल मंत्र व्यावसायिक शिक्षा के प्रति समाज का सम्मान है।

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कहा गया कि वास्तविक परिवर्तन केवल नीतिगत बदलावों से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक सोच बदलने से आएगा। तेलंगाना को भी इसी तर्ज पर व्यावसायिक वर्गों को नवाचार, उद्यमिता और समावेशिता के इंजन के रूप में स्थापित करना होगा, ताकि राज्य के युवाओं के लिए उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। उद्यमिता और निरंतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाली फिनलैंड प्रणाली तेलंगाना की शिक्षा व्यवस्था के पुनर्गठन के लिए ठोस आधार प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी।

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