आर्टिस्ट ने खतरे के बावजूद आईबॉल पर बनवाया टैटू

विशाखापट्टनम, विशाखापट्टनम का एक 20 साल का लड़का दोनों तेलुगु राज्यों से आईबॉल टैटू बनवाने वाला पहला व्यक्ति बन गया है। हालाँकि आँख में टैटू बनवाना खतरनाक होता है। जगदीश खुद एक टैटू आर्टिस्ट हैं और वे डॉक्टरों की चेतावनी के बावजूद टैटू बनवाने के लिए नेपाल गए।

टैटू कला बहुत पुरानी है, लेकिन हाल के सालों में यह यह काफी प्रचलन में आ गया है। अब यह हाथ, पैर और पीठ जैसी परंपरागत जगहों को छोड़ कान और पेट जैसी गैर परंपरागत जगहों तक फैल गया है। अब यह नाजुक आईबॉल पर भी बन रहे हैं। 2017 में करण किंग के नाम से मशहूर एक भारतीय टैटू आर्टिस्ट ने दावा किया था कि वे अपनी आईबॉल पर टैटू बनवाने वाले पहले भारतीयी हैं।

अब 2026 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट जगदीश अब सर्टिफाइड टैटू आर्टिस्ट बन गए हैं। वे कहते हैं कि उन्होंने अपनी आँख की पुतली पर टैटू बनवाया है, क्योंकि वह दोनों तेलुगु राज्यों से ऐसा करने वाले पहले व्यक्ति बनना चाहते थे। जगदीश ने 2 लाख खर्च किए। स्क्लेरल टैटू को पूरा करने के लिए छह महीने लगे।

इसमें आंख के सफेद हिस्से (स्क्लेरा) में सीधे इंक इंजेक्ट की जाती है। विशाखापट्टनम में लगभग 35-40 प्रोफेशनल टैटू स्टूडियो हैं जिनमें निपुण आर्टिस्ट काम करते हैं। इनमें से एक जगदीश भी हैं। उन्होंने कहा कि मैंने यह रिकॉर्ड के लिए किया। मैंने यह नेपाल में किया क्योंकि उनके पास वर्ल्ड रिकॉर्ड सर्टिफिकेशन है।

यह खतरनाक है, क्योंकि इसमें सफलता की दर 50:50 है, लेकिन मैं सबसे अलग दिखना चाहता था और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराना चाहता था। जगदीश ने दूसरों को सावधान किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि मैं युवाओं और दूसरे लोगों को ऐसा न करने की सलाह देता हूँ, क्योंकि कम से कम तीन महीने तक यह बहुत दर्दनाक होता है। आप देख नहीं सकते या रोशनी में नहीं जा सकते। आपको गुस्सा आएगा और आपके परिवार को तकलीफ होगी।

अपनी आंखों की रोशनी के बारे में टैटू आर्टिस्ट का कहना है कि वह हर हफ़्ते आंखों की जाँच करवाते हैं। वह बताते हैं कि उनकी आंखें बिल्कुल ठीक हैं। आंखों के अस्पताल की अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी ने आँखों में टैटू पर कड़ी चेतावनी दी है।

डॉ. मीनाक्षी ने कहा कि यह सुरक्षित नहीं है। इस पर कोई रिसर्च नहीं हुई है। इसे मेडिकल मान्यता नहीं मिली है। जब हम आंख का ऑपरेशन करते हैं, तो हम उसे स्टेरिलाइज़ करते हैं और बहुत ध्यान रखते हैं। लेकिन आंख पर टैटू से आंखों की रोशनी को खतरा होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर टैटू का लिक्विड रेटिना में चला जाए, तो इससे आंख को ज़िंदगी भर नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में आंखों पर टैटू बनवाना बैन है। जिस व्यक्ति ने अभी टैटू बनवाया है, उसे आँख में कोई दिक्कत नहीं है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि भविष्य में कोई दिक्कत नहीं होगी।

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