कनाडा ने खालिस्तानी चरमपंथियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया

ओटावा, कनाडा की खुफिया एजेंसी ने खालिस्तानी चरमपंथियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया है और कहा है कि यह समूह देश में अपने हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए संस्थानों का इस्तेमाल करता है। देश की खुफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस ने 2025 की अपनी रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला कि कनाडा में मौजूद खालिस्तानी चरमपंथियों की हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता कनाडा और कनाडाई हितों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा बनी हुई है।

कनाडा सरकार की वेबसाइट पर शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ खालिस्तानी चरमपंथी कनाडाई नागरिकों से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं, जो अपने हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देने और भोले-भाले समुदाय के सदस्यों से धन इकट्ठा करने के लिए कनाडाई संस्थानों का लाभ उठाते हैं, जिसे बाद में हिंसक गतिविधियों की ओर मोड़ दिया जाता है।

खालिस्तानी चरमपंथी समूह भारत के भीतर खालिस्तान नाम से एक पृथक देश की मांग करते रहे हैं और अलगाववादी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के कारण नई दिल्ली द्वारा उन्हें आतंकवादी संगठनों के रूप में नामित किया गया है। यह रिपोर्ट एअर इंडिया उड़ान संख्या 182 में हुए बम विस्फोट की 40वीं वर्षगांठ के एक साल बाद आई है। इस विस्फोट में कनाडा में मौजूद खालिस्तानी तत्वों का हाथ था।

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इसमें कहा गया कि यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकवादी हमला बना हुआ है, जिसमें 329 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर कनाडाई नागरिक थे। हालाँकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि खालिस्तान निर्माण के लिए अहिंसक तरीके से बात रखने को उग्रवाद नहीं माना जाता, और कुछ कनाडाई लोग खालिस्तान अलगाववादी आंदोलन का वैध एवं शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन करते हैं। (भाषा)

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