सीएम से की गयी जवाहरनगर डम्पिंग यार्ड स्थानांतरित करने की माँग
हैदराबाद, जवाहर नगर एंटी-डम्पिंग यार्ड संयुक्त कार्रवाई समिति के प्रतिनिधियों ने आज मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात कर डम्पिंग यार्ड को स्थानांतरित करने की माँग की। जुबली हिल्स स्थित आवास पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन-पत्र सौंपते हुए जेएसी ने कहा कि इस डम्पिंग यार्ड से स्थानीय निवासियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद ईटेला राजेंदर, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक मल्ला रेड्डी, मेड़चल जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थोताकुरा वज्रेश यादव, पूर्व विधायक सुधीर रेड्डी, सिंगिरेड्डी हरिवर्धन रेड्डी, जेएसी संयोजक शंकर नारायण और अन्य जेएसी नेता उपस्थित थे।
जेएसी नेताओं ने सीएम से कहा कि वर्तमान में जवाहर नगर डम्पिंग यार्ड में 2024 के अनुमान के अनुसार प्रतिदिन लगभग 8,000 टन कचरा लाया जाता है। तेलंगाना विधानसभा के पिछले सत्र में मल्ला रेड्डी ने बताया था कि जवाहर नगर डम्पिंग यार्ड में भारी मात्रा में कचरा डाले जाने के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो रही हैं। सड़कें, नालियाँ, लाइटें, पीने का पानी सब कुछ बेहद खराब स्थिति में है।
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उस समय विधानसभा में आईटी मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा था कि राज्य सरकार ने जवाहर नगर डम्पिंग यार्ड पर बोझ कम करने के लिए जीएचएमसी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर कम से कम तीन नए डम्पिंग यार्ड स्थापित करने का निर्णय लिया है। साइट से लगातार आ रही दुर्गंध की समस्या के समाधान के लिए आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञों को तकनीकी समाधान प्रदान करने हेतु शामिल किया गया। हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजेलिस के एक अध्ययन में जवाहर नगर लैंडफिल को दुनिया के प्रमुख मीथेन प्रदूषकों में शामिल किया गया। वैश्विक स्तर पर 25 स्थलों में यह चौथे स्थान पर रहा, जहाँ प्रति घंटे 5.9 टन मीथेन उत्सर्जन दर्ज किया गया।
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