घोड़े का वर्ष: चीनी परंपरा और उत्सवों का महत्व

नई दिल्ली, 17 फरवरी, 2026 को अमावस्या के साथ अग्नि अश्व (Fire Horse) वर्ष की शुरुआत हुई। इसी के साथ 15 दिनों तक चलने वाले चंद्र नववर्ष उत्सवों का आगाज हो गया। यह विशेष वर्ष 60 साल में एक बार आता है और ऊर्जा, सफलता तथा साहस का प्रतीक माना जाता है। लाल सजावट, आतिशबाजी, पारिवारिक मिलन और पारंपरिक व्यंजनों के साथ दुनिया भर में लोग नए वर्ष का स्वागत कर रहे हैं।

उत्सव का समय

यह पर्व 17 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 3 मार्च, 2026 को लालटेन महोत्सव (Lantern Festival) के साथ समाप्त होगा। इन 15 दिनों में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

अग्नि अश्व का महत्व

चीनी ज्योतिष में घोड़ा ऊर्जा, स्वतंत्रता और गतिशीलता का प्रतीक है। जब इसमें ‘अग्नि’ तत्व जुड़ता है, तो यह रचनात्मकता, साहस और निडर निर्णय लेने का संकेत देता है। इसलिए 2026 को नए अवसरों और सकारात्मक बदलावों का वर्ष माना जा रहा है।

परंपराएं और अनुष्ठान

  • लाल रंग का महत्व: घरों और बाजारों को लाल रंग से सजाया जाता है। यह रंग सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
  • पारिवारिक मिलन: लोग अपने घर लौटकर रीयूनियन डिनर में शामिल होते हैं।
  • विशेष पकवान और उपहार: पारंपरिक व्यंजनों में युआनशियाओ (चिपचिपे चावल के गोले) शामिल हैं। बड़ों द्वारा बच्चों को सौभाग्य के प्रतीक के रूप में लाल लिफाफे (Lai See) दिए जाते हैं।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: चीन और एशियाई समुदायों में सिंह नृत्य (Lion Dance), परेड और आतिशबाजी के भव्य आयोजन किए जा रहे हैं।

अग्नि अश्व वर्ष को नवीनीकरण, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जा रहा है। लोग एक-दूसरे को सुख, समृद्धि और अच्छी सेहत की शुभकामनाएं दे रहे हैं।

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