जस्टिस घोष आयोग पर 22 अप्रैल को फैसला

हैदराबाद, कालेश्वरम परियोजना के निर्माण और निर्वहन में अनियमितताओं की जाँच के लिए गठित जस्टिस घोष आयोग को अमान्य बताते हुए इसकी रिपोर्ट को रद्द करने की माँग के साथ भारास नेताओं व दो आईएएस अधिकारियों द्वारा दायर याचिकाओं पर तेलंगाना उच्च न्यायालय आगामी 22 अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगा।

इसके पूर्व बुधवार को फैसला सुनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन फैसला तैयार न होने के कारण उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहियुद्दीन की खण्डपीठ ने 22 अप्रैल को फैसला सुनाने की घोषणा की।

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गौरतलब है कि कालेश्वरम परियोजना के तहत मेडीगड्डा, अन्नारम, सुंदिल्ला जलाशय के निर्माण और निर्वहन में अनियमितताओं की जाँच हेतु सरकार ने 14 मार्च, 2024 को सरकारी आदेश संख्या 6 जारी कर जस्टिस घोष आयोग का गठन किया था। आयोग की रिपोर्ट को एकपक्षीय बताते हुए लगाए गए आरोपों के संबंध में विवरण प्राप्त किए बिना गैर-कानूनी तरीके से आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को दी है, इसका हवाला देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, पूर्व मंत्री टी. हरीश राव, आईएएस अधिकारी स्मिता सबरवाल, पूर्व आईएएस अधिकारी एस.के. जोशी ने अलग-अलग रूप से याचिकाएँ दायर की थी।

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