नये भवन के लिए सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन की पुरानी इमारत का ध्वस्तीकरण

हैदराबाद, सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के स्थान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक आत्याधुनिक इमारत के निर्माण के लिए पुराने स्टेशन भवन की ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। प्राधिकरण एक-एक करके प्रवेशद्वार के पास ढहाने की कार्रवाई कर रहा है। संभावना है कि उत्तरी क्षेत्र में ढहाने की यह कार्रवाई लगभग 15 दिन तक चल सकती है।

सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के ध्वस्तीकरण का दृश्य।

आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि शुक्रवार को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुराने ढाँचे को ढहाने की प्रक्रिया में तेज़ी लायी गयी। विशेषकर उत्तरी क्षेत्र में गत 13 फरवरी से यह कार्य शुरू किया गया। नॉन पीक समय में यह कार्य आगामी दो सप्ताह चल सकता है, ताकि पूरी तरह से मलबा हटाकर ज़मीन नई इमारत के लिए तैयार की जा सके।

मूल रूप से निजाम के शासन के दौरान 1874 में सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन की स्थापना की गयी थी।1916 तक निजाम गारंटीकृत राज्य रेलवे के मुख्यालय के रूप में यह स्टेशन कार्य करता रहा। 1951 में राष्ट्रीयकरण के बाद निजाम-युग की स्थापत्य शैली में एक किले की तरह यहाँ एक नया ढाँचा 1952 में बनवाया गया। रेलवे सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2021 में स्टेशन के नवीनीकरण की प्रक्रिया दक्षिणी क्षेत्र में शुरू की गयी थी। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ विश्व स्तरीय परिवहन केंद्र में बदलने के लिए केंद्र ने इस पर 720 करोड़ रुपये मंज़ूर किये। नवीनीकरण योजना में उत्तर और दक्षिण की ओर जी प्लस थ्री प्रतिष्ठित स्टेशन भवन निर्मित किया जाएगा, जिसमें खुदरा दुकानें, डाइनिंग हॉल और मनोरंजन सुविधाएँ होंगी। पुनर्विकास परियोजना में स्टेशन में 26 लिफ्ट, 32 एस्केलेटर, दो फुट-ओवर ब्रिज, सिकंदराबाद पूर्व मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला एक स्काईवॉक और उत्तरी दिशा में एक अतिरिक्त फुटपाथ होगा। 5,000 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र भी योजना में शामिल है।

उल्लेखनीय है कि सिकंदराबाद स्टेशन भारत के सबसे पुराने और व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में से एक है। लगभग 151 साल का इतिहास रखने वाला यह स्टेशन देश भर के रेलवे नेटवर्क से जुड़ा है और उत्तर-पूर्व, मध्य एवं पश्चिमी क्षेत्रों को दक्षिण से जोड़ता है। नवीनीकरण के अंतर्गत दक्षिणी क्षेत्र में काफी सुविधाएँ स्थापित की जा चुकी हैं और उत्तरी क्षेत्र में भी पार्किंग सुविधा निर्मित की जा चुकी है। शेष सारे कार्य विभिन्न चरणों में हैं।

रेलवे के संभावित आंकड़े बताते हैं कि आगामी 60 वर्षों में स्टेशन पर प्रतिदिन 2.7 लाख यात्रियों की अपेक्षित आवाजाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने के लिए बेहतर कॉनकोर्स, अलग-अलग आगमन और प्रस्थान टर्मिनल आदि नवीनीकरण योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button