मेडचल, शामीरपेटऔर फोर्थ सिटी मेट्रो की डीपीआर तैयारी जोरों पर
मेडचल, शामीरपेट और फोर्थ सिटी मेट्रो के लिए सर्वे पूरा
हैदराबाद, मेट्रो रेल के दूसरे चरण में शामिल की जाने वाली तीन लाइनों के लिए व्यापक परियोजना रिपोर्ट की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। इसके निर्माण के लिए आवश्यक भूमि व्यवहार्यता परीक्षण, पर्यावरण मूल्यांकन अध्ययन और यातायात सर्वेक्षण पहले ही पूरे हो चुके हैं। डीपीआर तैयार करने के बाद राज्य सरकार की मंजूरी ली जाएगी और रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी। संभावना है कि मार्च मासांत त तक रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।
मार्च तक राज्य सरकार को डीपीआर भेजने की योजना
मेट्रो के दूसरे चरण के पहले भाग में पांच कॉरिडोर हैं। इनके लिए डीपीआर राज्य सरकार द्वारा मंजूर की गई है तथा अनुमोदन के लिए केन्द्र को भेज दी गई है। दूसरे चरण के दूसरे भाग में तीन और मार्ग प्रस्तावित किये गये। सरकार ने जेबीएस से शमीरपेट (21 किमी) और जेबीएस से मेडचल (24 किमी) तक मेट्रो के साथ-साथ महत्वाकांक्षी फ्यूचर सिटी का भी प्रस्ताव रखा है। इसने शमशाबाद हवाई अड्डे से ओआरआर और राविरियाला होते हुए फोर्थ सिटी (40 किमी) तक का मार्ग प्रस्तावित किया है। मेट्रो रेल अधिकारी फिलहाल इनके लिए डीपीआर प्रक्रिया तैयार कर रहे हैं। कुछ ही दिनों में इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा तथा सरकार को इसकी सूचना दे दी जाएगी, तथा सुझाए गए किसी भी परिवर्तन या परिवर्धन को अंतिम रिपोर्ट में शामिल कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने इस प्रक्रिया में तेजी ला दी है और इस महीने के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
परियोजना में 48% ऋण और 4% पीपीपी मॉडल का प्रावधान
दूसरे चरण के पहले भाग की 76.4 किलोमीटर लंबाई की डीपीआर के अनुसार अनुमानित लागत 24,269 करोड़ रुपये है। इसे केन्द्र और राज्य सरकारों की संयुक्त साझेदारी से किये जाने का प्रस्ताव है। केन्द्रीय हिस्सा 18 प्रतिशत तथा राज्य हिस्सा 30 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। इसमें 48 प्रतिशत ऋण और 4 प्रतिशत पीपीपी अवसर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
दूसरे चरण के दूसरे भाग में, केंद्र और राज्य की भागीदारी से 85 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर, जेबीएस-शामीरपेट और जेबीएस-मेडचल के निर्माण के लिए वित्तीय योजना बनाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि फोर्थ सिटी पर जल्द ही स्पष्टता आ जाएगी।
बताया जाता है कि भविष्य में बनने वाली मेट्रो परियोजना में यात्रियों के लिए बहुत सारी नई सुविधाएं और यातायात की समस्याओं के समाधान भी होंगे। मेट्रो से उतरने के बाद गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए परिवहन सुविधाओं का एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का विचार किया जा रहा है जिसे बाद में संयुक्त स्टेशन योजना में शामिल किया जाएगा। ‘मेडचल और शामीरपेट क्षेत्रों में मेट्रो कॉरिडोर के लिए सर्वेक्षण कार्य मार्च मासांत अंत तक पूरा हो जाएगा और रिपोर्ट तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दी जाएगी।
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