F M Saleem

महाराष्ट्र के एक छोटे से गाँव में मन की आँखें खुलने के बाद पाया कि पिताजी की बैठक में रेडियो पर जो गीत बजते हैं, वह अपनी कापी पर उतार रहा हूँ और आज तक लोगों से जो कुछ सुनता हूँ, जो कुछ लगता है कि अच्छा है, लिखता रहता हूँ। यही शौक हैदराबाद ले आया और फिर इसी शौक ने दुनिया की सैर करवायी। यही सिलसिला जारी है।
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