राइटर श्रीनिवास हत्याकांड में 4 गिरफ्तार, 5 लाख रुपये की दी गई थी सुपारी

हैदराबाद, खम्मम जिले में चर्चित लेखक व यूट्यूबर बोग्गुला श्रीनिवास की हत्या के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। श्रीनिवास का शव 14 फरवरी को पालेरु जलाशय में कार से बरामद हुआ था। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए खम्मम ग्रामीण के सहायक पुलिस आयुक्त तिरुपति रेड्डी ने बताया कि मृतक श्रीनिवास और कुकटपल्ली में रहने वाले उसके मित्र मेकाला वेणु माधव रेड्डी के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। यही विवाद आगे चलकर हत्या का कारण बन गया। उन्होंने बताया कि दोनों ने मिलकर मृतक के स्वामित्व वाली फर्म बोग्गुला बीबीक्यू के जीएसटी लाइसेंस का उपयोग कर लगभग 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। इस रकम को बराबर बांटने की सहमति थी, लेकिन मुख्य आरोपी ने श्रीनिवास को केवल 15 लाख रुपये ही दिए और शेष रकम बाद में देने का आश्वासन दिया।

पैसों को लेकर चल रहा था विवाद

इसके कुछ समय बाद श्रीनिवास का जीएसटी लाइसेंस रद्द हो गया और विभाग की ओर से दोनों को नोटिस जारी हुए। इसके बाद श्रीनिवास ने अपने बकाया 30 लाख रुपये की मांग की तथा लाइसेंस दोबारा सक्रिय कराने के लिए लगने वाले भारी जुर्माने की जिम्मेदारी भी माधव रेड्डी पर डाली। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद गहराता गया और आरोपी ने श्रीनिवास को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

एसीपी ने बताया कि मुख्य आरोपी ने अपने सहयोगियों पोकाला कोटेश्वर राव, शेख अब्दुल हफीज और मोहम्मद अजमत अली खान के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। उसने श्रीनिवास की हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी। योजना को अंजाम देते हुए आरोपियों ने 13 फरवरी की रात श्रीनिवास को बकाया रकम देने के बहाने विजयवाड़ा चलने के लिए कार में बैठाया।

अगली सुबह तड़के नकरेकल्लु और जनगांव के बीच सुनसान स्थान पर चाकू और लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद हत्या को दुर्घटना या प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए आरोपियों ने शव को कार सहित पालेरु जलाशय में फेंक दिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनआर) की धारा 103 (हत्या), 61 (आपराधिक षड्यंत्र), 238 (साक्ष्य से छेड़छाड़) तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पवन कल्याण पर पुस्तक से चर्चा में आए थे श्रीनिवास

बोग्गुला श्रीनिवास ने वर्ष 2014 में प्रकाशित अपनी पुस्तक पवन कल्याण हटाओ‑पॉलिटिक्स बचाओ से तेलुगु राज्यों में चर्चा में आए थे। इस पुस्तक के प्रकाशन के समय उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं। श्रीनिवास मूल रूप से अल्लूरु गांव, नंदिकोटकुर मंडल, नंदयाल जिला के रहने वाले थे और बाद में हैदराबाद में रहकर यूट्यूब और अन्य गतिविधियों में सक्रिय थे।

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