GHMC : नये हैदराबाद की रूपरेखा तय, 10 के बाद तीन निगमों की अधिसूचना

हैदराबाद, देश का सबसे बड़ा स्थानीय निकाय होने की खुशी शायद हैदराबादियों में अब अधिक दिनों तक नहीं रहेगी। सरकार 300 डिविजनों को तीन निगमों में विभाजित करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। संभावना है कि जीएचएमसी की वर्तमान निर्वाचित इकाई का कार्यकाल समाप्त होते ही दूसरे या तीसरे दिन नये निगमों की अधिसूचना जारी की जा सकती है।ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के निर्वाचित निकाय का कार्यकाल 10 फरवरी को समाप्त होगा।

इसके साथ ही 650 वर्ग किलोमीटर से बढ़ाकर 2,053 वर्ग किलोमीटर की गयी जीएचएमसी की सीमाओं को तीन निगमों में विभाजित किया जाएगा। इससे संबंधित आदेश 13 फरवरी तक जारी किए जाने की संभावना है। सूत्र बताते हैं कि राज्य में जारी शहरी स्थानीय निकायों की प्रक्रिया 13 फरवरी को समाप्त होगी। इसी दिन चुनाव आचार संहिता भी समाप्त होगी। उसी दिन नए निगमों की घोषणा की जा सकती है।

छह महीने के भीतर नगर निगम चुनाव कराने की तैयारी

नये नगर निगमों के नाम हैदराबाद, शेरिलिंगमपल्ली और मल्काजगिरी हो सकते हैं। इन नए निगमों के लिए छह महीने के भीतर चुनाव कराए जाने जा सकते हैं। संभावना है कि नये नगर निगमों की चुनाव प्रक्रिया अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने आउटर रिंग रोड के भीतर स्थित 27 नगर पालिकाओं का जीएचएमसी में विलय करने से संबंधित अधिसूचना में कहा था कि इसको एक से अधिक नगर निगमों में विभाजित किया जाएगा।

तीन सौ डिविजनों के साथ एक समय यह चर्चा का विषय रहा कि जीएचएमसी देश का सबसे बड़ा नगर निगम बन गया है, लेकिन प्रशासनिक सुविधा के लिए अब सरकार ने इसे तीन हिस्सों में विभाजित करने का निर्णय लिया है। सुचारू प्रशासन के लिए राजधानी में पुलिस और नगर निगम विभागों की सीमाएं समान रखने की योजना है। हाल ही में राजधानी के अंतर्गत हैदराबाद, साइबराबाद और राचकोंडा पुलिस कमिश्नरेट्स का पुनर्गठन किया गया।

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हैदराबाद क्षेत्र विस्तार और नए नगर निगमों की योजना

इस कवायद में हैदराबाद का क्षेत्र बढ़ाया गया, जबकि राचकोंडा को मल्काजगिरी में परिवर्तित किया गया। बताया जाता है कि प्रस्तावित तीन नए नगर निगमों का गठन भी इसी आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा फ्यूचर सिटी नाम से एक और नया कमिश्नरेट भी बनाया गया है। उस क्षेत्र के बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सूत्र बताते हैं कि हैदराबाद कमिश्नरेट के अंतर्गत हैदराबाद नगर निगम और मलकाजगिरी क्षेत्र में मलकाजगिरी नगर निगम गठित किया जाएगा। शेरिलिंगमपल्ली नगर निगम की सीमाएँ साइबराबाद कमिश्नरेट्स के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों तक सीमित होंगी। जीएचएमसी में दो अतिरिक्त आयुक्तों की नियुक्ति ने भी तीन जोनों के क्लस्टर की अटकलों को मजबूती दी है।

बताया जाता है कि हैदराबाद निगम सबसे बड़ा निगम बना रहेगा, जिसमें लगभग 150 वार्ड होंगे और इसका विस्तार सिकंदराबाद से लेकर शमशाबाद तक रहेगा। इसमें तरनाका, मुशीराबाद, जुबली हिल्स, बंजारा हिल्स, खैरताबाद, जियागुड़ा, अत्तापुर, राजेंद्रनगर, जलपल्ली, आदिबट्ला और शमशाबाद के क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। शेरिलिंगमपल्ली निगम में आईटी उद्योगों वाला क्षेत्र शामिल हो सकता है, जो नारसिंगी से शामीरपेट तक फैला होगा। इसमें कोकापेट, रायदुर्गम, शेरिलिंगमपल्ली, कुकटपल्ली, पटनचेरु, दुंडिगल और मेड़चल के इलाके शामिल हो सकते हैं।

मलकाजगिरी निगम शहर के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों आधारित होगा, जिसमें कीसरा से लेकर पेद्दा अंबरपेट तक बोइनपल्ली, मौलाअली, अलवाल, कापरा, घटकेसर, नागोल, सरूरनगर और हयातनगर के क्षेत्र शामिल होंगे। एक और विषय को लेकर चर्चा है कि भविष्य में सिकंदराबाद को एक अलग नगर निगम बनाया जा सकता है, लेकिन अभी इस मामले में किसी तरह की पहल शुरू नहीं की गयी है।

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