हैदराबाद कलेक्ट्रेट में मनाया गया सेफर इंटरनेट डे

हैदराबाद, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राष्ट्रीय सूचना केंद्र के तत्वावधान में आज हैदराबाद कलेक्ट्रेट के सभागार में सेफर इंटरनेट डे के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। अवसर पर कहा गया कि साइबर सुरक्षा हर किसी की जिम्मेदारी है तथा जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार सुरक्षित डिजिटल प्रणाली की नींव है।

राष्ट्रीय सूचना केंद्र की संयुक्त निदेशक (आईटी) ए. दीपिका तथा अधिकारियों ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सेफर इंटरनेट डे हर साल फरवरी के दूसरे मंगलवार को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा के साथ-साथ इंटरनेट प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के बारे में जागरूकता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि आजकल इंटरनेट तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। इसके फायदों के साथ-साथ दुरुपयोग के अवसर भी अधिक हैं। इसलिए इसका सुरक्षित रूप से उपयोग करना हमारी जिम्मेदारी है।

अवसर पर फर्जी ईमेल, फोन कॉल, संदेश, लिंक, यूआरएल और डोमेन नामों की पहचान करने की प्रक्रिया को समझाते हुए उन्होंने कहा कि केवल सत्यापित, आधिकारिक स्रोतों और वेबसाइटों का ही उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अलावा अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए, अनौपचारिक ऐप्लिकेशन डाउनलोड न करते हुए किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, कार्ड विवरण या व्यक्तिगत लॉगिन विवरण साझा नहीं किया जाना चाहिए।

मजबूत पासवर्ड व मल्टी-फैक्टर सत्यापन की सलाह

राष्ट्रीय सूचना केंद्र के अधिकारियों ने विशेष रूप से साइबर खतरों के नए प्रकारों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें डीपफेक फोटो और वीडियो, वॉयस क्लोनिंग, रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर तथा उपयोगकर्ताओं को डराने और धोखा देने वाली डिजिटल गिरफ्तारी जैसे विषय शामिल थे। अवसर पर उन्होंने मजबूत साइबर सुरक्षा अभ्यास, द्वि अथवा बहु-चरणीय सत्यापन का उपयोग करने, अक्षरों, संख्याओं और विशेष वर्णों को मिलाकर मजबूत पासवर्ड बनाने, आसानी से अनुमान लगाए जा सकने वाले पासवर्ड का उपयोग करने से बचने, समय-समय पर पासवर्ड बदलने तथा कई प्लेटफार्मों के लिए एक ही पासवर्ड का उपयोग न करने की भी सलाह दी।

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माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। साइबर धोखाधड़ी या किसी भी संदिग्ध घटना का सामना होने पर बिना विलंब किए तुरंतराष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करानी चाहिए। अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी ई. वेंकटचारी ने कहा कि सभी को साइबर सुरक्षा, इंटरनेट प्रयोग और एआई को लेकर सजग तथा जागरूक होना चाहिए। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कर्मचारी एवं अन्य उपस्थित थे।

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