बोराबंडा और सुमाराकुंटा में अतिक्रमणों के खिलाफ हैद्रा की कार्रवाई

हैदराबाद, शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमणों और अवैध निर्माणों के खिलाफ शुक्रवार को हैद्रा ने व्यापक कार्रवाई की। बोराबंडा में 3.20 एकड़ सरकारी भूमि से कब्जे हटाए गये एवं दूलपल्ली गांव में सुमाराकुंटा झील के एफटीएल क्षेत्र में अवैध निर्माण हाटने के लिए कार्रवाई की गयी। हैद्रा के अधिकारियों ने रामकृष्ण नगर में मंदिर की 1365 गज भूमि की फेंसिंग कर अतिक्रमण सुरक्षित किया।

मेडचल मल्काजगिरी जिले के दूलपल्ली गांव में स्थित सुमाराकुंटा तालाब में अवैध निर्माणों को हटाया गया। यह तालाब लगभग 42 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। शिकायतें मिली थीं कि तालाब के एफटीएल क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करते हुए मिट्टी डाली जा रही है और दीवारें उठाकर कब्जे किये जा रहे हैं।

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एफटीएल भूमि पर केवल कृषि की अनुमति, निर्माण नहीं

यहां स्क्रैप की दुकानें, अस्थायी शेड में होटल, कंटेनर निर्माण इकाइयां और वेल्डिंग शॉप्स स्थापित की गई थीं। हैद्रा ने लगभग 11 एकड़ क्षेत्र में फैले इन अतिक्रमणों के खिलाफ बुल्डोज़र कार्रवाई की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एफटीएल क्षेत्र की शिकम पट्टा भूमि में केवल कृषि की अनुमति है, न कि निर्माण या मिट्टी भराई की।

हैद्रा की टीमों ने खैरताबाद मंडल के यूसुफगुड़ा में लगभग 3.20 एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए करीब 3600 गज भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। हैद्रा ने बोराबंडा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया और कार्रवाई के दौरान रेत और ईंटों के कारोबार तथा अस्थायी शेड हटाकर भूमि की फेंसिंग की गई। मेडचल मल्काजगिरी जिले के कीसरा मंडल स्थित रामकृष्ण नगर कॉलोनी में स्थानीय निवासियों ने शिकायत की थी कि कुछ लोग मंदिर की भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। जांच के बाद हैद्रा ने पुष्टि की कि यह भूमि मंदिर के लिए ही आवंटित की गयी है। इसके बाद 1365 गज भूमि को शिवालय की संपत्ति बताते हुए वहां बोर्ड लगाए गए, ताकि भविष्य में कोई अतिक्रमण न हो।

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