भारत के दूरस्थ शिक्षा तंत्र का स्तंभ इग्नू: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

नयी दिल्ली, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) को भारत की मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली का एक स्तंभ बताया तथा कहा कि यह ‘‘एक ऐसा संस्थान है जिसने देश में उच्च शिक्षा के विस्तार में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है’’।
राधाकृष्णन मैदान गढ़ी स्थित बाबा साहेब आंबेडकर कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इग्नू के 39वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू विशिष्ट अतिथि थे। उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘वर्ष 1985 से इग्नू का सफर वास्तव में उल्लेखनीय रहा है। इसने कामकाजी व्यक्तियों, दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों, आर्थिक रूप से वंचित शिक्षार्थियों और महिलाओं सहित सभी वर्गों को सीखने के अवसर प्रदान किए हैं।’’
दीक्षांत समारोह में स्नातक की डिग्री पाने वालों में 58 प्रतिशत महिलाओं के शामिल होने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है।’’ राधाकृष्णन ने दीक्षांत समारोह में छात्रों को पीएचडी डिग्री और स्वर्ण पदक भी प्रदान किए। इग्नू की स्थापना 1985 में हुई थी। विश्वविद्यालय वर्तमान में क्षेत्रीय अध्ययन केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से तीस लाख से अधिक छात्रों को स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर विविध कार्यक्रम प्रदान करता है। (भाषा)(PIB)
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