हिचकोलों भरे बाजार में संभलकर निवेश करें : वीआईएक्स का अलर्ट

2026 की सबसे बड़ी सीख भी यही है कि आज का बाजार अपनी ग्रोथ स्टोरी के साथ-साथ रिस्क स्टोरी को भी लेकर आगे बढ़ता है। इसलिए एक्सपर्ट कहते हैं कि जब मार्केट में रि-वैल्यूएशन का दौर चरम पर हो, तो इस रि-वैल्यूएशन से चक्कर खाने या हवा में उछलने की जरूरत नहीं है। क्योंकि हर वोल्टैलिटी के बाद एक सीधा और निपिय समय आता है, जो लंबे समय तक रहता है। इसलिए इन दिनों रह-रहकर जो वोल्टैलिटी इंडेक्स हमें डराता है, उससे कुछ दिनों के लिए बिल्कुल दूरी बना लेनी चाहिए।

इन दिनों शेयर बाजार तूफान से घिरे समुद्र में बदल गया है, जहां हर समय लहरें अपना तांडव दिखाती रहती हैं। कभी अचानक मीलों का उछाल, तो कभी बिना चेतावनी एकदम से धड़ाम। इसे ही वीआईएक्स यानी वोल्टैलिटी इंडेक्स कहते हैं। वास्तव में यह वीआईएक्स बाजार से आम निवेशकों को संकेत देता है कि सावधान रहें, क्योंकि शेयर बाजार इन दिनों चल नहीं बल्कि झूल रहा है। युवा निवेशकों के लिए तो विशेषकर ऐसे समय पर संयम बरतने की जरूरत होती है।

क्योंकि यही वह समय होता है कि अगर जरा भी चूक गये, तो शेयर बाजार निवेश की जगह रहने की बजाय जुए का अड्डा साबित हो सकता है। लेकिन अगर ध्यान दें तो यही वह समय भी होता है, जब गहरे सागर से आप अनमोल मोती भी ला सकते हैं। इसलिए यह समय सिर्फ गंवाने भर का नहीं, पाने का भी है। बहरहाल ध्यान देने की बात ये है कि जब दुनिया इस समय जंग की उथल-पुथल में उलझी हुई है तो शेयर बाजार ज्यादा नाजुक हो गये हैं और इंडिया वीआईएक्स हाल के महीनों में कभी आसमान छूने लगता है, तो कभी औंधे मुंह जमीन में आ गिरता है।

बाजार में 100% से 300% तक बढ़ा जोखिम स्तर

इसलिए अनिश्चितता बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिसे इस बात से भी समझा जा सकता है कि अकेले मार्च 2026 में वीआईएक्स 20प्लस पर पहुंच गया, जो हाल के कई महीनों का सबसे उच्च स्तर था। अगर मध्य पूर्व की स्थितियां यही बनी रहीं, तो कोई नहीं जानता कि यह कब तक बार-बार 100 फीसदी प्लस तक बढ़ता रहेगा।

सरल शब्दों में कहें तो पिछले एक महीने में शेयर बाजार को कई बार दुगनी और तिगुनी वोल्टैलिटी इंडेक्स पर पहुंचते देखा गया है, जिसका मतलब ये है कि शेयर बाजार इन दिनों 100 फीसदी से लेकर 300 फीसदी तक जोखिमभरा है। जिसका सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व का जियो पॉलिटिकल तनाव, महंगा कच्चा तेल और कमजोर रुपया है।

मिडिल ईस्ट तनाव, महंगा तेल और गिरता रुपया असरदार

साल 2026 में अभी तक बार-बार जो इंडिया वीआईएक्स आसमान छूने लगता है, उसके पांच बड़े कारण हैं। पहला तो पूरी दुनिया में जिस तरह का तनाव पसरा हुआ है यानी इसका कारण वार इंपैक्ट है। विशेषकर अमेरिका-इजराइल-ईरान जंग, मिडिल ईस्ट में लगातार जलते हालात, कच्चे तेल की कीमतों का 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाना। भारत और चीन जैसे देशों में तेल आयात का दबाव बढ़ जाना, साथ ही इंफ्लेशन और कंपनियों की बढ़ती लागत के कारण महंगाई का तेजी से ऊपर जाना।

डॉलर के विरूद्ध रुपये की लगातार गिरावट, जिसके कारण आयात का महंगा होना, कंपनियों में प्रोफिट मार्जिन का बढ़ता दबाव, नतीजतन निवेशकों का घटता भरोसा और विदेशी निवेशकों का मौका मिलते ही भारतीय शेयर बाजार से अपना पैसा लेकर रफू-चक्कर हो जाना और अंत में आम निवेशकों पर भय की साइकोलॉजी की जकड़न ही, वो बड़े कारण है, जिसकी वजह से हाल के महीनों में वीआईएक्स इंडिया लगातार उछल-कूद मचाये रखा है। सवाल उठता है ऐसे में नये या युवा निवेशकों के लिए ऐसी क्या महत्वपूर्ण गाइडलाइन हो सकती है, जिसस वो हिचकोले खा रहे शेयर बाजार में बर्बाद होने से बचे रहें?

कैश और धैर्य ही बाजार के तूफान में सबसे बड़ी ताकत

दरसअल, यह मौका अवसर बनाम भंवर की चपेट में आ जाने का समय होता है। वीआईएक्स बढ़ने पर कुछ शेयर तो बेहद सस्ते हो जाते हैं, लेकिन जब हम उम्मीद नहीं कर सकते कि हम उन्हें जितने सस्ते में खरीदते हैं, कई बार वो उससे भी नीचे गिर जाते हैं। ऐसे मौके पर डिफेंसिव इन्वेस्टिंग नियम अपनाये जाने चाहिए। इस दौरान कैश यानी नकदी की ताकत भी बहुत बढ़ जाती है, क्योंकि जब बाजार गिरता है, तो गिरते हुए बाजार में सबसे ज्यादा अवसर उन्हें ही मिलता है, जो कैश रखते हैं। लेकिन यह भी समझने वाली बात है कि एक ही समय पर पूरा पैसा खर्च कर देना सबसे बड़ी गलती है।

अगर इस तरह के तूफान से आपको कोई चीज सबसे आसानी से बचा सकती है, तो वह है- आपका धैर्य। जब से शेयर बाजार का अस्तित्व है, तब से यह बात देखी गई है कि बाजार में पैनिक बहुत थोड़े समय के लिए होता है और स्थिरता देर तक रहती है, लेकिन ऐसे मौके पर लिया गया कोई गलत निर्णय आपको हमेशा-हमेशा के लिए हारे हुए खिलाड़ियों की कतार में खड़ा कर सकता है। इसलिए जब शेयर बाजार तूफानी हिचकोलों से घिरा हो तो निवेश और विनिवेश दोनों का ही अफरा-तफरी से बचना सबसे बड़ी बात होती है। क्योंकि हर एक तूफान के भी कुछ रिस्क मैनेजमेंट होते हैं, जो वाकई काम करते हैं। इसलिए जब भी किसी शेयर पर निवेश करें, तो इस बात को कसौटी मानकर करें कि अगर वह शेयर 20 फीसदी तक भी गिर जाता है, तो आप पैनिक नहीं होंगे।

2026 में वीआईएक्स सर्वाइवल टूलकिट

-जब शेयर बाजार में वीआईएक्स अपनी तूफानी रफ्तार में हो, तो 20 से 30 फीसदी अपने पास कैश रखें।

  • एसआईपी को जारी रखें, बिना किसी जोखिम के मोल लिए।
    -कंपनी के लार्ज कैप स्टॉक्स पर फोकस करें, साथ ही सोना जैसी सुरक्षात्मक निधि पर भरोसा रखें।
    -कोरोना के समय जिन लोगों ने शेयर बाजार की वोल्टैलिटी पीरियड में निवेश किया, उन्हें कई गुना फायदा मिला, लेकिन हर बार ये हथकंडे काम नहीं आते। इसलिए इस तरह के सरलीकरण से बचना चाहिए कि सब कुछ मशीनी अंदाज में किया जा सकता है।

-लोकमित्र गौतम

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