इंडी गठबंधन के लिए बीआरएस-कांग्रेस में मिलीभगत
हैदराबाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि देश में मजबूत राजनीतिक ताकत बन रही भाजपा के खिलाफ सभी राजनीतिक दल एकजुट होने लगे हैं। इसी के अंतर्गत कांग्रेस नीति इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (आईएनडीआईए) गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समाजवादी पार्टी प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी व केटीआर के बीच मध्यस्थता के लिए भेंट की।
भाजपा मुख्यालय श्यामाप्रसाद मुखर्जी भवन में भाजपा नेता केंद्रीय भाजपा समन्वयक नूने बालराज के साथ मिलकर मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का सीधे सामना नहीं कर पाने की स्थिति में सारे दल एकजुट होने लगे हैं विशेषकर अब तेलंगाना में भी भाजपा मजबूत होने लगी है। इसलिए अखिलेश यादव ने तेलंगाना में बीआरएस को आई.एन.डी.आई.ए. में शामिल करने के उद्देश्य से हैदराबाद आकर मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
राहुल गांधी पर हमला, मोदी नेतृत्व पर जनता के भरोसे का दावा
डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि इंडी गठबंधन के दल अब सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व से ऊब चुके हैं। राहुल के बदले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या अखिलेश यादव को नेतृत्व सौंपने पर जोर देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार, हरियाणा, दिल्ली, छत्तीसगढ़ व ओडिशा में हुई भाजपा की जीत के बाद यही परिणामों की अब पश्चिम बंगाल में भी पुनरावृत्ति होगी और जिस राज्य में भी चुनाव होंगे वहां भाजपा की जीत तय है क्योंकि जनता अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा कर चुकी है।
सांसद राहुल गांधी की आलोचना करते हुए डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि दरअसल जनता की समस्याओं पर विपक्षी नेता के तौर पर सदन में खड़े होने के बजाए चर्चा से भाग खड़े हुए राहुल गांधी एलओपी (लीडर ऑफ आपोजिशन) नहीं, बल्कि लीडर ऑफ प्रपोगंडा (एलओपी) बन चुके हैं । उन्होंने कहा कि संसद सत्र जारी होने के बावजूद विपक्षी नेता राहुल के जर्मन दौरे को लेकर जनता में गुस्सा है।
नरेगा, आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया पर कांग्रेस को घेरा
महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी (नरेगा) योजना का नाम बदलकर दि विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत- जी- रामजी रखे जाने को लेकर बीआरएस द्वारा आपत्ति जताते हुए इस विधेयक के द्वारा राज्य सरकारों पर आर्थिक बोझ डालने के लगाए गए आरोपों पर डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि दरअसल गांधीजी के ग्राम स्वराज व रामराज्य के सपने को साकार करने यह विधेयक लाया गया है।
डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि नरेगा योजना के अंतर्गत कई घपले किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। 100 मजदूरों की जगह 200 मजदूरों के नाम पर पैसे का दुरुपयोग किया गया है इसलिए पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राज्यों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत करके राज्य सरकारों पर भी जिम्मेदारी डाली है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने की दुहाई दे रही कांग्रेस ने पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की वाल्मीकि अंबेडकर आवास योजना (वाम्बे) का नाम क्यों हटा दिया है बताएंँ।
आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया पर राहुल गांधी से सवाल
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार के पिछड़ा वर्ग को 42 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के वादे का उल्लेख करते हुए सांसद लक्ष्मण ने कहा कि 42 प्रतिशत आरक्षण की आड़ लेकर कांग्रेस पिछड़ा वर्ग को धोखा दे रही है। दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना देने वाली कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र में क्यों मुद्दा नहीं उठाया, क्यों मौन रहे। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर 50 प्रतिशत सीमा के बारे में लोकसभा में क्यों कांग्रेस ने प्रश्न नहीं किया। उन्होंने पिछड़ा वर्ग के मेधावी वर्ग, बद्धिजीवियों व पिछड़ा वर्ग संघों से कांग्रेस के धोखे को पहचानने का आह्वान किया।
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लक्ष्मण ने कहा कि लोकसभा में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर आरोप लगा रहे राहुल गांधी को पता है कि यह चुनाव आयोग का मामला है। इससे सरकार का कोई लेना देना नहीं है। एसआईआर कोई पहली बार नहीं हुआ है। यह प्रक्रिया इससे पहले वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965- 1966 , 1983-1984, 1989, 1993, 1995, 2002, 2004 में भी की गई है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्रा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय में भी की गई थी। तब किसी को जो आपत्ति नहीं थी तो अब मोदी सरकार के समय क्यों होने लगी है?
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