भारत मेरा देश
भारत मेरा देश, किसी से रखे न कोई द्वेष।
हिंदू-मुस्लिम, सिख-ईसाई, हर कोई विशेष।।
कश्मीर से कन्याकुमारी, विभिन्नता की फुलवारी
दीप से दीप जलाकर के, सम फैलाई उजियारी
ईद, दिवाली, क्रिसमस उत्सव की तैयारी
गुरुद्वारे,चर्च, मंदिर, मस्जिद में, मानवता के पुजारी,
विभिन्नता में एकता, भारत का परिवेश।
यह मेरा देश, किसी से रखता न कोई द्वेष।।
शहीदों की बलिदानी से, ऊंचा रहा हमारा झंडा
गद्दारी जो करी किसी ने, हर ओर से बरसा डंडा,
भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, कैसे भूलें, फांसी का फंदा
पावन नदियां बहें देश में, प्रेम की बहे चहुं ओर गंगा,
कोई रंगीला, कोई सजीला, यहां का हर प्रदेश।
भारत मेरा देश है, किसी से रखे न कोई द्वेष।।
सत्य, अहिंसा के हम पुजारी, कलाम, गांधी का देश
आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त, आविष्कारक ऐसा यह विशेष,
योग विद्या की ज्ञान महिमा, जाने सारा विदेश
दिलवाले रहते हैं यहां पर, हर कोई है हृदयेश,
भारत का दिल है दिल्ली, लाल किला श्रीगणेश।
भारत मेरा देश है, किसी से रखता न कोई द्वेष।।

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