ईरान संकट से ट्रैवल कैंसिलेशन बढ़े, यात्रियों को धैर्य की सलाह

नयी दिल्ली, ‘इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स’ (आईएटीओ) ने रविवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण हवाई क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों की वजह से यात्रा बुकिंग रद्द करने और तारीखें आगे बढ़ाने के अनुरोधों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

इसका सबसे अधिक प्रभाव खाड़ी देशों के प्रमुख केंद्रों के माध्यम से भारत को यूरोप से जोड़ने वाले मार्गों पर पड़ा है। आईएटीओ के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि देशभर के ट्रैवल एजेंट यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए एयरलाइन और विदेशी भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके तहत वैकल्पिक मार्ग, बुकिंग में बदलाव और पैसा वापसी की सुविधा दी जा रही है।

‘‘हालांकि, अभी अल्पकालिक अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन हमें उम्मीद है कि स्थिति जल्द स्थिर होगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने एजेंट के संपर्क में रहें और घबराकर बुकिंग रद्द न करें, क्योंकि ज्यादातर मामलों में एयरलाइन कंपनियां उचित विकल्प दे रही हैं।’’

इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में कई हवाई क्षेत्रों को बंद कर दिया गया है, जिससे विमानों का परिचालन बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है।

पश्चिम एशिया संघर्ष: नोर्का हेल्पडेस्क को 381 फोन आए

इजराइल और ईरान संघर्ष के मद्देनजर ‘नोर्का रूट्स’ द्वारा स्थापित 24 घंटे संचालित विशेष हेल्प डेस्क को रविवार सुबह 11.30 बजे तक 381 फोन आए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार, यह हेल्प डेस्क क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ‘नॉन रेजिडेंट केरलाइट्स'(एनआरके) और उनके परिवार के सदस्यों की सहायता के लिए स्थापित किया गया था।नोर्का रूट्स’ केरल सरकार की एक आधिकारिक संस्था है, जो प्रवासी केरल वासियों के कल्याण और सहायता के लिए काम करती है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्राप्त कुल फोन में से 137 कॉल विदेश से और 244 देश के भीतर से थीं। बयान में कहा गया, ‘अधिकांश प्रश्न उड़ान सेवाओं की वर्तमान स्थिति, उनके रद्द होने, यात्रा परामर्श और सुरक्षा निर्देशों से संबंधित थे। इसके अलावा, खाड़ी देशों से लोगों को निकालने की संभावना और यात्रा सुरक्षा के बारे में भी पूछताछ की गई।’

इसमें कहा गया कि विदेश से हेल्प डेस्क से संपर्क करने वालों ने अधिकारियों को सूचित किया कि वे सुरक्षित हैं लेकिन उन्होंने क्षेत्र में जारी संघर्ष की स्थिति और लगातार हो रहे हमलों पर चिंता व्यक्त की। अधिकारियों ने बताया कि हेल्प डेस्क का प्राथमिक उद्देश्य, केंद्र और राज्य सरकारों से प्राप्त सत्यापित जानकारी साझा करना तथा आपात स्थिति में आवश्यक सहायता में समन्वय करना है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि सभी फोन को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए दस्तावेज तैयार किए गए हैं। स्थिति और तैयारी उपायों की समीक्षा के लिए नोर्का विभाग की सचिव टी वी अनुपमा और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजीत कोलासेरी के नेतृत्व में नोर्का रूट्स मुख्यालय में एक बैठक आयोजित की गई।

बयान में कहा गया कि केरल सरकार घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रही है और केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय, प्रभावित देशों में भारतीय मिशनों, लोक केरल सभा के सदस्यों और प्रवासी संगठनों के साथ समन्वय बनाए हुए है। इसमें कहा गया है कि संघर्ष प्रभावित देशों में ‘नॉन रेजिडेंट केरलाइट्स’ को केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

कार्यालय के बयान में कहा गया है कि आपातकालीन सहायता के लिए नोर्का रूट्स हेल्पडेस्क से +91-8802012345 (अंतरराष्ट्रीय मिस्ड कॉल सुविधा) और 1800-425-3939 (भारत के भीतर टोल-फ्री नंबर) पर संपर्क किया जा सकता है।(भाषा )

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