ईरान-इजराइल युद्ध का पाँचवां दिन : तेहरान पर हवाई हमले, मिसाइल-ड्रोन से जवाब

दुबई, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के साथ युद्ध के पाँचवें दिन बुधवार को तेहरान और अन्य शहरों पर कई हवाई हमले किए। इजराइल ने ईरानी नेतृत्व और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने इजराइल और पूरे क्षेत्र पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए।

तेहरान में तड़के से ही लोगों ने धमाकों की आवाज सुनी और ईरानी सरकारी टेलीविजन ने राजधानी के केंद्र में एक इमारत के खंडहर में तब्दील होने के दृश्य दिखाए। इजराइल ने कोम और कई अन्य शहरों को भी निशाना बनाया। आसमान में लड़ाकू विमानों को गुजरते देख तेहरान में मौजूद लोग चिंतित हो गए। कपड़ों की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। उन्होंने कहा, अगर मैं शहर छोड़ दूँ, तो मैं पैसे कैसे कमाऊँगा और अपना गुजारा कैसे करूँगा?

तेहरान के ऊपर इजराइल ने ईरानी याक-130 विमान मार गिराया

इजराइली सेना ने बताया कि बुधवार को उसके एक एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान ने तेहरान के ऊपर ईरानी वायु सेना के याक-130 लड़ाकू विमान को मार गिराया। सेना ने यह भी कहा कि देश भर में लक्ष्यों पर दागी गई ईरानी मिसाइलों को मार गिराने के लिए इजराइली हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई थी और यरूशलम के आस-पास विस्फोट की आवाज सुनी गई।

इस बीच, श्रीलंका के तट पर एक ईरानी नौसैनिक फ्रिगेट के संकट में होने की सूचना मिली, जिसके बाद वहाँ के अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए 32 लोगों को बचाया। श्रीलंका के अधिकारियों ने बताया कि यह तुरंत स्पष्ट नही हो पाया कि जहाज के साथ क्या हुआ या उसपर कितने लोग सवार थे। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने चेतावनी दी कि ईरान द्वारा जिस किसी को देश का अगला सर्वेच्च नेता चुना जाएगा, उसका खात्मा हमारा लक्ष्य होगा।

काट्ज ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, इजराइल के खिलाफ योजना को आगे बढ़ाने, अमेरिका और अन्य देशों को धमकाने और ईरानी जनता की आवाज को दबाने के लिए ईरानी आतंकी शासन द्वारा जो भी नेता नियुक्त किया जाएगा, उसका खात्मा हमारा लक्ष्य होगा। इजराइल के रक्षा मंत्री का यह बयान ईरान के साथ अमेरिका और इजराइल की जंग के पाँचवें दिन में प्रवेश करने के बीच आया। बुधवार को तेहरान में धमाकों की आवाज सुनी गई।

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तेहरान के आसपास विस्फोट, ईरान की मिसाइलों से इजराइल सतर्क

ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि सुबह के समय तेहरान के आस-पास विस्फोट हुए। वही, इजराइल ने कहा कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण उसे अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली को सक्रिय करना पड़ा। इसके अलावा, इजराइल की राजधानी यरूशलम के आस-पास भी धमाकों की आवाज सुनाई दी। इजराइली सेना ने बुधवार को कहा कि उसने ईरान की राजधानी में उसके सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर कई हमले किए। इसने कहा कि उसने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की स्वैच्छिक सेवा देने वाली सेना बासिज से जुड़ी इमारतों को निशाना बनाया।

इजराइली सेना ने यह भी कहा कि उसने ईरान की आंतरिक सुरक्षा कमान से जुड़ी इमारतों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि यह जंग कई हफ्तों या उससे भी अधिक समय तक जारी रह सकती है। इस युद्ध में अभी तक ईरान में लगभग 800 लोग मारे जा चुके हैं। इनमें कुछ ऐसे भी शामिल हैं, जिन्हें ट्रंप ने देश के संभावित भविष्य के नेता माना था।

इजराइल ने कहा कि हिजबुल्ला के लड़ाकों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए उसने लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए। लेबनान के सरकारी मीडिया ने बताया कि बालबेक शहर में एक रिहायशी इमारत पर इज़राइल के हमले में कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई। लेबनान में रातभर किए गए हमलों में कई शहर और राजधानी के पास के एक होटल को भी निशाना बनाया गया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार सुबह बताया कि बेरूत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ठीक दक्षिण में अरामून और सादियात शहरों में हुए इजराइली हमलों में कम से कम छह लोग मारे गए तथा आठ अन्य घायल हुए।

कमान खामेनेई के बेटे को

ईरान की विशेषज्ञ सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) ने बुधवार को पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया है। यह फैसला अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद उठे उत्तराधिकार के संकट के बीच आया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चयन शक्तिशाली ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर के दबाव में किया गया है।

दूसरी ओर इजराइल ने घोषणा की है कि जो भी नेता चुना जाएगा, वह उसकी हत्या कर देगा। ईरान इंटरनेशनल की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह चयन शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के दबाव में किया गया। सूत्रों ने बताया कि वर्तमान युद्ध स्थिति के कारण विशेषज्ञ सभा की पूर्ण बैठक संभव नहीं हो पाई, इसलिए फैसला आभासी बैठकों और आंतरिक परामर्श के जरिए लिया गया।  

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कथित तौर पर कट्टरपंथी गुटों को एकजुट कर मोजतबा के पक्ष में दबाव बनाया, क्योंकि वे उनके पिता के करीबी सहयोगी रहे हैं और सुरक्षा तंत्र में मजबूत पकड़ रखते हैं। मोजतबा खामेनेई (56 वर्ष) एक मध्यम स्तर के शिया धर्मगुरु हैं और लंबे समय से पर्दे के पीछे प्रभावशाली भूमिका निभाते आए हैं। वे आईआरजीसी और बसिज मिलिशिया से गहरे जुड़े हुए माने जाते हैं। हालांकि, इस नियुक्ति पर विवाद है क्योंकि ईरान की इस्लामी क्रांति की मूल भावना में वंशानुगत उत्तराधिकार को खारिज किया जाता है और कई कट्टरपंथी भी इसे राजशाही जैसा मानकर विरोध कर सकते हैं। मोजतबा की धार्मिक योग्यता (हुज्जतुल इस्लाम रैंक) को भी सर्वोच्च नेता के पद के लिए अपर्याप्त माना जा रहा है, लेकिन आईआरजीसी के समर्थन ने इसे मुमकिन बना दिया। (एपी)

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