कालेश्वरम के दोषी नपेंगे : रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने घोषणा की कि कालेश्वरम परियोजना ढह जाने के मामले में दोषियों को किसी भी हाल नहीं छोड़ा जाएगा। राज्य सरकार दोषियों को सजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना को भी यूँ ही नहीं छोड़ा जाएगा। आवश्यक मरम्मत करके किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने टिप्पणी की कि कालेश्वरम मामले से बचने के लिए बीजेपी नेताओं का शरण लेने के लिए बीआरएस नेता व पूर्व मंत्री हरीश राव अचानक दिल्ली गये हैं।

रेवंत रेड्डी ने जयशंकर भूपालपल्ली जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मेडिगड्डा बैराज का दौरा किया और वहीं अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बाद में मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से बात की। उन्होंने सवाल किया कि कालेश्वरम जांच पर सीबीआई क्यों चुप है? हमारे द्वारा बार-बार पत्र लिखने के बावजूद जवाब क्यों नहीं दे रही है? हरीश राव के दिल्ली दौरे के पीछे क्या रहस्य है, यह राज्य की जनता को बताना चाहिए। दिल्ली में किन-किन से मिले, इसे हरीश को उजागर करना चाहिए।
बीआरएस पर बीजेपी से सहारे के आरोप
रेवंत रेड्डी ने टिप्पणी की कि अगर बीआरएस नेता बीजेपी का सहारा लेकर भ्रष्टाचार के मामलों से बच निकलने की सोच रहे हैं, तो राज्य सरकार चुप नहीं बैठेगी। दोषियों को सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने पहले मांग की थी कि केसीआर और हरीश को जेल में डाला जाए और कालेश्वरम मामले को सीबीआई को सौंपा जाए। इसके बाद राज्य सरकार ने सीबीआई जांच के लिए प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि अनुमान को बड़े पैमाने पर बढ़ा कर बनाए गए कालेश्वरम परियोजना को एक अद्भुत परियोजना बताकर लोगों में भ्रम पैदा कर केसीआर ने 2018 के चुनावों में लाभ उठाया था। वर्ष 2023 में मेडिगड्डा बैराज ढह गया। इसे छिपाकर 2023 के चुनावों में भी लाभ उठाने की कोशिश बीआरएस नेताओं ने की, लेकिन प्रकृति ने सच्चाई सामने ला दी। परियोजना में समस्याएं आने पर नवंबर, 2023 में राष्ट्रीय डैम सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) ने केसीआर सरकार को प्रारंभिक रिपोर्ट दी। उस रिपोर्ट को केसीआर ने नजरअंदाज किया था।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि इस लूट पर पीसी घोष समिति ने विस्तृत रिपोर्ट दी। उन्होंने कहा कि कालेश्वरम से अब तक एक लाख एकड़ को भी पानी नहीं दिया जा सका है। हालांकि, हमारी सरकार ने ढह गयी कालेश्वरम परियोजना की मरम्मत करने का निर्णय लिया है। एक महीने पहले ही अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ की समीक्षा बैठक तय की गई थी। इस समीक्षा बैठक से सच्चाई सामने आने से डरकर बीआरएस नेताओं ने जानबूझकर ठीक इसी दिन एक राजनीतिक जनसभा का आयोजन किया।
श्री कालेश्वर मुत्तेश्वर मंदिर के विकास कार्यों का शिलान्यास
इससे पूर्व जयशंकर भूपालपल्ली जिले के दौरे के तहत मुख्यमंत्री ने पहले कालेश्वरम मंदिर में श्री कालेश्वर मुत्तेश्वर स्वामी के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने 198 करोड़ की लागत से श्री कालेश्वर मुत्तेश्वर मंदिर के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इसके बाद उन्होंने कालेश्वरम बस स्टेशन के लिए भी आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम में मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, श्रीधर बाबू, पोन्नम प्रभाकर, लक्ष्मण कुमार, सांसद गड्डम वंशी कृष्ण आदि शामिल हुए। इसके बाद रेवंत कालेश्वरम से मेडिगड्डा के लिए रवाना हुए।
मेडिगड्डा पहुंचकर उन्होंने बैराज का दौरा किया और वहां चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इंजीनियरों ने वहां जारी कार्यों के बारे में सीएम को जानकारी दी। इसके बाद सीएम ने मंत्रियों व अधिकारियों के साथ मेडिगड्डा बैराज के मरम्मत कार्यों पर समीक्षा बैठक की।
राष्ट्रीय डैम सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) के चेयरमैन अनिल जैन ने भी इस बैठक में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को एनडीएसए के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि हर काम में एनडीएसए की स्वीकृति ली जाए। समीक्षा बैठक के बाद सीएम ने मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित किया और तत्पश्चात उन्होंने वहां से सीधे काटारम मंडल के नस्तूरपल्ली में आयोजित जनसभा के लिए रवाना हुए। जनसभा के मंच से उन्होंने रैतु भरोसा की दूसरी किस्त की निधियाँ जारी कीं।
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सीबीआई जाँच में देरी पर होगा आंदोलन
रेवंत रेड्डी ने सोमवार को कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन स्कीम में कथित अनियमितताओं पर बोलते हुए केंद्र से तत्काल पूर्व बीआरएस शासन के खिलाफ सीबीआई जाँच का आदेश देने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि और देरी हुई तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार क्षतिग्रस्त बैराजों को ठीक कर परियोजना को फिर से उपयोगी बनाएगी और डिजाइन, निर्माण तथा वित्तीय अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना जैसे दोहरे दृष्टिकोण पर काम कर रही है।
रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि सरकार कालेश्वरम परियोजना को नहीं छोड़ेगी। बैराजों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के प्रयास जारी हैं और साथ ही वैकल्पिक योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, जिसमें प्राणहिता-चेवेल्ला परियोजना को पुनर्जीवित करना शामिल है, ताकि पानी लक्षित क्षेत्रों तक पहुंच सके। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद केंद्र सरकार ने परियोजना की सीबीआई जाँच के राज्य के अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
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