हैदराबाद, तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी तथा पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लोग तथ्यों से पूरी तरह वाकिफ हैं। वह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों से गुमराह नहीं हो सकते।
के. कविता ने मीडिया प्वाइंट पर बात करते हुए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पर की गईं हालिया टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाषा और लहजा बदलने की चेतावनी दी। कविता ने पिता तथा पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह खुद बताएँ कि परियोजना का इंटेक प्वाइंट जुराला से श्रीशैलम क्यों शिफ्ट किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत फैसलों और गैर-जिम्मेदार नेतृत्व ने परियोजना को मुश्किल में डाल दिया है।
अक्षम व्यक्तियों को सशक्त बनाने और उन्हें गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के लिए कहने से जनता में और भ्रम फैलेगा। कविता ने केसीआर से तेलंगानावासियों के हित में विधानसभा आने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर केसीआर विधानसभा नहीं आते हैं, तो भगवान भी बीरआरएस को नहीं बचा पाएँगे। कविता ने तेलंगाना के नेताओं में राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी की आलोचना करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश के नेता राजनीतिक मतभेदों के बावजूद क्षेत्रीय हितों और जल संसाधनों की रक्षा के लिए एकजुट थे।
सिंचाई परियोजनाओं की विफलता पर कविता का तीखा आरोप
सिंचाई बुनियादी ढाँचे में विफलताओं को उजागर करते हुए कविता ने कहा कि भीमा, नेट्टमपाडु, सुंडिला और कलवाकुर्ती जैसी परियोजनाएँ क्षमता से बहुत कम काम कर रही है। यहाँ तक कि बुनियादी मरम्मत की भी उपेक्षा की गई है। कविता ने कहा कि यह सौ प्रतिशत सच है कि पिछले 12 सालों में पालमुरू-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई परियोजना से एक भी एकड़ जमीन को पानी नहीं मिला। उन्होंने मौजूदा सरकार पर दो अहम साल बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे किसानों के साथ खासकर मेडिगड्डा बैराज की उपेक्षा के कारण अन्याय हुआ।
यह भी पढ़ें… मेगासिटी हैदराबाद बुनियादी ढाँचे के लिए एकीकृत योजना : पोन्नम प्रभाकर
कविता ने कहा कि पालमुरू-रंगारेड्डी परियोजना को राजनीतिक विचारों से ऊपर उठाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि परियोजना से संबंधित फाइलों सहित लगभग 12,000 फाइलें उपमुख्यमंत्री के पास लंबित हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना जागृति लोगों के सामने सच्चाई लाती रहेगी।
इसके पूर्व कविता ने तेलंगाना विधान परिषद चेयरमैन सुखेंदर रेड्डी से मुलाकात कर औपचारिक रूप से इस्तीफा स्वीकार किए जाने से पहले सदन में इस्तीफे के कारणों को समझाने का मौका देने का अनुरोध किया। इस पर चेयरमैन ने उन्हें 5 जनवरी को अवसर देने की बात कही। कविता ने कहा कि वह परिषद में मिले मौके का इस्तेमाल तेलंगाना के लोगों को इस्तीफे के कारणों को समझाने के लिए करेंगी।
