माइक्रॉन चीन में सर्वर चिप्स व्यापार से बाहर होगा
हैदराबाद, माइक्रॉन ने चीन में अपने सर्वर चिप्स व्यापार को बंद करने का निर्णय लिया है। इस कदम के पीछे कारण 2023 में चीन की सरकार द्वारा महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे में माइक्रॉन उत्पादों पर लगाया गया प्रतिबंध है, जिससे कंपनी का यह व्यवसाय कभी पूरी तरह से पुनः स्थापित नहीं हो पाया।
सूत्रों के अनुसार, माइक्रॉन चीन के डेटा सेंटर को चिप्स की आपूर्ति रोक देगा, लेकिन दो चीनी ग्राहकों को अपनी बिक्री जारी रखेगा, जिनमें से एक लैपटॉप निर्माता लेनोवो है। इसके अलावा, माइक्रॉन चीन में ऑटोमोबाइल और मोबाइल फोन क्षेत्र के ग्राहकों को भी चिप्स बेचती रहेगी।
चीन में सर्वर मेमोरी का बाजार दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है, लेकिन माइक्रॉन उत्पादों पर प्रतिबंध के कारण कंपनी चीन के डेटा सेंटर विस्तार के अवसर से वंचित रही। इसके परिणामस्वरूप माइक्रॉन के प्रतिद्वंद्वी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, एसके हाइनिक्स और चीनी कंपनियां वाईएमटीसी और सीएक्सएमटी इस क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही हैं।
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माइक्रॉन का चीन में संचालन और रोजगार पर असर
माइक्रॉन ने यह भी कहा कि कंपनी चीन में अपने संचालन और ग्राहकों की उपस्थिति को मजबूत बनाए रखेगी और चीन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में विस्तार जारी रहेगा। उदाहरण के लिए, कंपनी ने शीआन में अपने चिप पैकेजिंग सुविधा में निवेश जारी रखा है।
चीन में माइक्रॉन के डेटा सेंटर व्यवसाय में लगभग 300 कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस निर्णय के बाद कितनी नौकरियां प्रभावित होंगी। इसके अतिरिक्त, अगस्त में कंपनी ने मोबाइल एनएएनडी उत्पादों के विकास को बंद करने के बाद कुछ सैकड़ों कर्मचारियों को यूनिवर्सल फ्लैश स्टोरेज कार्यक्रम से हटा दिया था।
माइक्रॉन के अनुसार, चीन कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है और वैश्विक अर्धचालक उद्योग में इसकी अहमियत बरकरार है। इस निर्णय से कंपनी को चीन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा सेंटरों के तेजी से बढ़ते अवसरों से कुछ हद तक नुकसान होगा।
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