एमएसएमई को प्रोत्साहित करने वाला बजट : एफटीसीसीआई

हैदराबाद, फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफटीसीसीआई) ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रगतिशील तथा निरंतरता पर आधारित बजट करार देते हुए कहा कि इससे लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। एफटीसीसीआई के अध्यक्ष रवि कुमार ने फेडरेशन के अन्य सदस्यों के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया में कहा कि यह बजट वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के मौजूदा परिप्रेक्ष्य में आर्थिक स्थिरता, निरंतरता और लचीलेपन पर मजबूत जोर देता है।

सरकार ने विकास और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। इससे एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष रूप से 10,000 करोड़ की एमएसएमई विकास निधि तथा सूक्ष्म उद्यमों के समर्थन के लिए अतिरिक्त 2,000 करोड़ की निधि की घोषणा से पूंजी की उपलब्धता में सुधार होगा और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। मेड इन इंडिया और घरेलू विनिर्माण जोर तथा पाँच वर्षों में 10,000 करोड़ के परिव्यय वाली बायोफार्मा शक्ति पहल की शुरुआत का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारत के बायोफार्मा ईकोसिस्टम को सुदृढ़ करना है। उन्होंने भारत की दीर्घकालिक औद्योगिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए सेमीकंडक्टर मिशन पर निरंतर ध्यान दिए जाने की भी सराहना की। साथ ही जोड़ा कि पर्यटन क्षेत्र को भी विभिन्न पहलों के माध्यम से सकारात्मक समर्थन मिला है, हालांकि अभी और संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है।

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हाई-स्पीड रेल प्रस्ताव का स्वागत, क्षेत्रीय विकास पर जोर

हैदराबाद को बेंगलुरु, पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जोड़ने वाली हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी के प्रस्ताव का स्वागत स्वागत करते हुए रवि कुमार ने कहा कि ऐसे कॉरिडोर श्रम गतिशीलता, सप्लाई चेन दक्षता, क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देंगे और अल्प दूरी की उड़ानों का एक टिकाऊ विकल्प प्रदान करेंगे।

एफटीसीसीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के.के. माहेश्वरी ने कहा कि पूंजी बाजार के दृष्टिकोण से एमएसएमई ग्रोथ फंड और सूक्ष्म उद्यमों को वित्तीय सहायता सकारात्मक कदम हैं। बजट पूंजी बाजार की स्थिरता को मजबूत करेगा। दीर्घकालिक पूंजी को विकास क्षेत्रों में प्रवाहित करने के लिए कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को गहराना अगला महत्वपूर्ण सुधार होना चाहिए।

एफटीसीसीआई के उपाध्यक्ष श्रीनिवास गरिमेला ने कहा कि वित्त मंत्री ने आर्थिक स्थिरता पर मजबूत जोर दिया है। अत्तूबर में जीएसटी युक्तिकरण की घोषणा के बाद उद्योग को इस मोर्चे पर बड़े बदलावों की उम्मीद नहीं थी। हालांकि, बजट में एमएसएमई, विनिर्माण, आत्मनिर्भर भारत और क्षमता निर्माण पहलों के रूप में कई सकारात्मक पहलू हैं। उन्होंने टूल रूम्स के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि ये विनिर्माण, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस, रक्षा और प्रिसिजन इंडस्ट्रीज में एमएसएमई के लिए महत्वपूर्ण हैं। गरिमेला ने कहा कि टीडीएस युक्तिकरण (शेष पृष्ठ 12 पर)

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