अंकुरा हॉस्पिटल की एलबी नगर शाखा में मदर मिल्क बैंक सुविधा लांच
हैदराबाद, नवजात शिशु देखभाल को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अंकुरा हॉस्पिटल फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रेन ने अपनी एलबी नगर शाखा में अंकुरा-धात्री मिल्क बैंक को लांच किया है। इस सुविधा का उद्घाटन पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के नियोनेटोलॉजी विभाग प्रमुख प्रो. प्रवीण कुमार ने किया।
अवसर पर बताया गया कि अंकुरा-धात्री मिल्क बैंक सुविधा का उद्देश्य समय से पहले जन्मे और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को स्वस्थ दाता माताओं का सुरक्षित, जाँचा हुआ और पाश्चुरीकृत स्तन दूध उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें जीवित रहने और स्वस्थ विकास की बेहतर संभावना मिल सके। नाजुक और समय से पहले जन्मे शिशुओं के लिए, स्तन के दूध की उपलब्धता अक्सर जीवन रक्षक होती है, जिससे नेक्रोटाइजिंग एंटरोकोलाइटिस जैसी बीमारियों को रोकने में भी मदद मिलती है, जो समय से पहले जन्मे शिशुओं में आम है।
प्रो. प्रवीण कुमार ने कहा कि मदर मिल्क बैंक केवल एक स्वास्थ्य सेवा सुविधा नहीं है, यह मातृत्व और विज्ञान की जीवन रेखा है।दान किए गए दूध की हर बूंद एक नाजुक बच्चे की जान बचा सकती है। इस तरह की पहल परिवारों को उनके सबसे कठिन समय में आशा की किरण की तरह होती है। डॉ. श्रीशैलम कोथुरु ने कहा कि इस मिल्क बैंक की स्थापना तेलंगाना में नवजात स्वास्थ्य के लिए एक मील का पत्थर है। अंकुरा अस्पताल के संस्थापक डॉ. के. पी. वुन्नम ने कह कि हमें अंकुरा-धात्री मिल्क बैंक शुरू करने पर गर्व है, जो अंकुरा हास्पिटल्स के सभी एनआईसीयू के साथ एकीकृत है। यह पहल सुनिश्चित करती है कि सबसे कमजोर शिशुओं को भी सर्वोत्तम पोषण और देखभाल मिले। हमारे पास नवजात रोग विशेषज्ञों, स्तनपान सलाहकारों और नर्सों की एक समर्पित टीम है।
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नवजात शिशुओं के लिए माँ के दूध का विशेष महत्त्व
अंकुरा हॉस्पिटल एलबी नगर के मुख्य नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीनिवास मुर्की ने कहा कि नवजात शिशुओं के लिए माँ का दूध संपूर्ण आहार है। जन्म के एक घंटे के भीतर दिया जाने वाला पहला आहार कोलोस्ट्रम मस्तिष्क के विकास के लिए आवश्यक एंटीबॉडी और डीएचए से भरपूर होता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और स्वस्थ आंत बैक्टीरिया का पोषण करता है। समय से पहले जन्मे और गंभीर रूप से बीमार शिशुओं के लिए, दान किया गया दूध सचमुच जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर ला सकता है।
मुर्की ने कहा कि स्तनपान कराने वाली माताओं को अतिरिक्त दूध दान करने के लिए आगे आना चाहिए। ताकि जरूरतमंद नवजात शिशुओं की सहायता की जा सके। इच्छुक दानकर्ता अंकुरा-धात्री मिल्क बैंक पर संपर्क करके पंजीकरण करा सकती हैं। अवसर पर एनएनएफ तेलंगाना के अध्यक्ष डॉ. श्रीशैलम कोथुरु, अंकुरा हास्पिटल निदेशक डॉ. श्रीनिधि तिरुनागरी, नीलोफर अस्पताल अधीक्षक डॉ. विजय कुमार तथा सुषेणा हेल्थ फाउंडेशन के महासचिव डॉ. संतोष कुमार क्रालेती व अन्य उपस्थित थे।
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