46 लाख महिलाओं का हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने की तैयारी

हैदराबाद, तेलंगाना सरकार ने राज्यभर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने का निर्णय लिया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च से स्वास्थ्य जाँच शुरू की जाएगी। तेलंगाना डायग्नोस्टिक्स के माध्यम से प्रत्येक महिला की 30 प्रकार की चिकित्सा जाँच की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिंम्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन की जाए। सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने प्रजापालना प्रगति योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव क्रिस्टिना जेड चोंग्थू, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त संगीत सत्यनारायण, आरोग्यश्री सीईओ उदय कुमार, ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी के महानिदेशक शाहनवाज कासिम, डीएमई नरेंद्र कुमार, टीवीवीपी कमिश्नर अजय कुमार, डीएच रविंदर नायक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अस्पतालों में नियमित सेवाओं के साथ कार्यक्रम संचालन

मंत्री ने बताया कि 6 मार्च से 12 जून तक कुल 99 दिनों का एक्शन प्लान लागू किया जाएगा। अस्पतालों में नियमित चिकित्सा सेवाओं में कार्यक्रमों को अबाध रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों द्वारा तैयार की गई योजना को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दी गई और कार्यक्रम को चार चरणों में लागू करने का निर्णय लिया गया।

पहले चरण में 26 दिनों तक माता-शिशु देखभाल तथा किशोरियों और बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अस्पतालों में स्वच्छता, लंबित फाइलों का निपटारा और संपत्तियों का सत्यापन जैसे प्रशासनिक कार्यों को भी दुरुस्त किया जाएगा। एनीमिया (रक्ताल्पता) की रोकथाम, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की स्वास्थ्य जाँच की जाएगी। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का हेल्थ प्रोफाइल तैयार करने का कार्यक्रम शुरू होगा।

तेलंगाना डायग्नोस्टिक्स के सहयोग से प्रत्येक महिला की 30 प्रकार की जाँच की जाएगी। तीन चरणों में लगभग 46 लाख महिलाओं की यह जाँच की जाएगी। पहले चरण में 6 से 31 मार्च तक प्रत्येक जिले के 5 मंडलों में, दूसरे चरण में 10 मंडलों में और अंतिम चरण में बाकी सभी मंडलों में स्क्रीनिंग की जाएगी। मंत्री ने निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया छह महीने के भीतर पूरी की जाए।

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दूसरे चरण में बीपी, शुगर और कैंसर की स्क्रीनिंग

दूसरे चरण 6 से 15 अप्रैल तक में गैर-संचारी रोगों जैसे बीपी, शुगर और कैंसर की पहचान के लिए सब-सेंटर स्तर पर व्यापक स्क्रीनिंग कैंप लगाए जाएंगे। जिला डे-केयर कैंसर केंद्रों में कीमोथेरेपी सेवाओं की मैपिंग की जाएगी और डायलिसिस मरीजों के लिए वायरल संक्रमण जाँच अनिवार्य की जाएगी।

तीसरे चरण में 16 अप्रैल से 15 मई तक संक्रामक रोगों के नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारी पर ध्यान दिया जाएगा। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के तहत टीबी मामलों की पहचान की जाएगी। गर्मी बढ़ने के मद्देनजर लू, डेंगू और मलेरिया जैसे मौसमी रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। 16 मई से 12 जून तक चौथे चरण में शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

विशेष रूप से जीएचएमसी, साइबराबाद और मेडचल क्षेत्र के 145 अर्बन पीएचसी को पॉलीक्लिनिक के रूप में उन्नत कर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध करवाई जाएंगी। बस्तियों में मोबाइल मेडिकल वाहनों के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे ताकि गरीबों को चिकित्सा सेवाएं आसानी से मिल सकें। साथ ही फूड सेफ्टी मेलों के जरिए मिलावटी खाद्य पदार्थों के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी।

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