नई दिल्ली , भारत सरकार ने स्वच्छ और स्थिर ऊर्जा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी परमाणु ऊर्जा मिशन की घोषणा की है। यह मिशन होमी भाभा के दृष्टिकोण को साकार करने के साथ-साथ 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखता है, जो भारत की कुल ऊर्जा आवश्यकताओं का 10% होगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में इस मिशन की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने परमाणु क्षेत्र में निजी भागीदारी को अनुमति देकर एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। यह निर्णय अतीत की पारंपरिक बाधाओं को तोड़ता है और भारत के ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
परमाणु मिशन के प्रमुख उद्देश्य और योजनाएँ
इस मिशन का मुख्य फोकस छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) विकसित करने पर है, जिनकी क्षमता 16 मेगावाट से 300 मेगावाट तक होगी। ये रिएक्टर विशेष रूप से उन दूरदराज के क्षेत्रों और औद्योगिक समूहों के लिए फायदेमंद होंगे, जहां परंपरागत बिजली आपूर्ति एक चुनौती है। सरकार ने इस मिशन के लिए बजटीय आवंटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। 2014 से परमाणु ऊर्जा विभाग के बजट में 170% की वृद्धि हुई है। 2024-25 के बजट में विशेष रूप से पांच स्वदेशी छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास के लिए ₹20,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि भारत, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों के साथ परमाणु प्रौद्योगिकी में सहयोग कर रहा है। साथ ही, स्वदेशी अनुसंधान और राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के माध्यम से गैर-सरकारी स्रोतों से 60-70% फंडिंग जुटाने की योजना भी बनाई गई है।
भारत का दीर्घकालिक दृष्टिकोण: ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु प्रतिबद्धता
भारत का यह मिशन न केवल ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत ने 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें परमाणु ऊर्जा की भूमिका अहम होगी। सरकार की परमाणु विस्तार योजना में थोरियम भंडार के विकास को भी प्राथमिकता दी गई है, जो दुनिया के कुल भंडार का 21% है। कुडनकुलम परमाणु संयंत्र और भाविनि रिएक्टर जैसी लंबित परियोजनाओं को भी तेजी से पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। निजी भागीदारी और स्वदेशी विकास की इस नई नीति के साथ, भारत का परमाणु ऊर्जा क्षेत्र वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति मजबूत करेगा और स्वच्छ, सुरक्षित तथा आत्मनिर्भर ऊर्जा स्रोतों की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाएगा।( PIB)
यह भी पढ़ें —महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है : मोदी
