बारिश का कहर : अचानक बाढ़ से कुल्लू में तबाही

शिमला, कुल्लू जिले के कानोन गांव में रात को बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में एक पुल और तीन दुकानें बह गईं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने मंगलवार को कुल्लू और बंजार उप-मंडलों में स्कूल, कालेज और आंगनवाड़ी केंद्रों समेत सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया।

कुल्लू के उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष तोरुल एस रवीश ने कहा कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। शिमला शहर में रामचंद्र चौक के पास भारी भूस्खलन के बाद सोमवार रात को लगभग 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एक इमारत की छत का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। छोटा शिमला क्षेत्र में आशियाना रीजेंसी के पास पेड़ भी उखड़ गए।

कुल्लू और बंजार उप-मंडल अधिकारियों ने अपने-अपने इलाकों में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं की सूचना दी है। उन्होंने बताया कि इसके परिणामस्वरूप सड़कें अवरुद्ध हो गईं, पैदल पुल बह गए और इसी तरह के अन्य नुकसान हुए हैं। भारी बारिश के कारण मंडी जिले के पधर क्षेत्र में शिल्हबुधानी और तरसवान ग्राम पंचायतों में कृषि भूमि के अलावा एक पैदल पुल, एक दुकान और एक वाहन को नुकसान पहुंचा है।

हिमाचल में बारिश-बाढ़, 140 मौतें

शिल्हबुधानी के प्रधान प्रेम सिंह और तरस्वाण के प्रधान जय सिंह के अनुसार, क्षेत्र के सभी नाले उफान पर हैं और निवासियों को कल रात सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। हिमाचल प्रदेश में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हुई। शिमला शहर के उपनगरीय इलाके जुब्बरहट्टी में सोमवार रात से 73 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि अंब में 56 मिमी, भुंतर में 44.8 मिमी, बिलासपुर में 40.2 मिमी, शिमला में 38 मिमी, कसोल में 33 मिमी, सियोबाग में 32 मिमी, कोठी में 25.4 मिमी, भरेरी में 23 मिमी और कुफरी में 21.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, सोमवार शाम को राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 389 सड़कों को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया जिसमें से 193 सड़कें मंडी जिले में और 104 कुल्लू जिले में थीं। एसईओसी के अनुसार, 760 बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर और 186 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं।

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अधिकारियों ने सोमवार शाम को बताया कि हिमाचल प्रदेश में 20 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक राज्य को वर्षाजनित घटनाओं के कारण 2,194 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 74 बार अचानक बाढ़, 36 बार बादल फटने और भूस्खलन की 70 बड़ी घटनाएं हुई हैं। उन्होंने बताया कि करीब 140 लोगों की मौत हो गई है और 37 लोग लापता हैं। (भाषा)

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