स्कूल बस चालकों की हुई जाँच पड़ताल, 5 नशे में मिले
हैदराबाद, उत्तरी जोन यातायात पुलिस ने आज स्कूल बसों के खिलाफ ड्रंक एण्ड ड्राइव का विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में जुबली हिल्स, बंजारा हिल्स, पंजागुट्टा, बेगमपेट, एस.आर. नगर, मारेडपल्ली, बोइनपल्ली, तिरुमलगिरी, महांकाली और गोपालपुरम यातायात थाना परिधि के 34 क्षेत्रों में 324 स्कूल बसों के चालकों की जाँच-पड़ताल की गयी। इस दौरान पाँच स्कूल बस चालक नशे की हालत में पाए गए।
आज यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में यातायात पुलिस उपायुक्त राहुल हेगड़े ने बताया कि अतिरिक्त यातायात पुलिस उपायुक्त वेणुगोपाल रेड्डी, एसीपी (पश्चिम जोन) हरिप्रसाद, एसीपी (नॉर्थ जोन) शंकर राजू के नेतृत्व में अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश के अनुसार स्कूल बसों की फिटनेस की जाँच-पड़ताल करने के अलावा चालकों की जाँच-पड़ताल की जा रही है, जिससे स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सशक्त किया जा सके।
नियमों के अनुसार, स्कूल बस के लिए परमिट और फिटनेस आवश्यक है और स्कूल बस पर ऑन स्कूल ड्यूटी बस के सामने और पीछे अनिवार्य रूप से लिखा होना चाहिए। स्कूल बस में सीटों की संख्या के आधार पर ही स्कूली बच्चों का परिवहन किया जाए। हर स्कूल बस में फर्स्ट एड बॉक्स और पेयजल की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। जहाँ आवश्यक हो, बस में सीट बेल्ट की व्यवस्था की जाए।
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हर स्कूल बस पर स्कूल का नाम और सेलफोन नंबर लिखना अनिवार्य है। स्कूल बस चलाने वाले चालक का अनुभव कम से कम 5 वर्ष का होना चाहिए। स्कूल बस के लिए कॉन्ट्रैक्ट कैरेज का उपयोग किया जाता है, तो इसके संबंध में स्थानीय पुलिस थाने/डीसीपी/एसपी यातायात को जानकारी देनी होगी। हर स्कूल बस में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक केयर टेकर को नियुक्त किया जाना चाहिए।
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