शिया काउंसिल ने की गवर्नर कोटे में एमएलसी की माँग
हैदराबाद, शिया सिविल काउंसिल फॉर सोशल जस्टिस ने तेलंगाना सरकार से मांग की है कि राज्यपाल के कोटे से शिया मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि को तेलंगाना विधान परिषद का सदस्य बनाया जाए। इसके लिए काउंसिल ने मुहम्मद अली हैदर का नाम सुझाया है।
यहाँ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिया सिविल काउंसिल फॉर सोशल जस्टिस के निदेशक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हिदायत अली मिर्जा एवं उपाध्यक्ष सय्यद आबिद हुसैन ने कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय तथा तेलंगाना उच्च न्यायालय के निर्णयों का सम्मानपूर्वक स्वागत करते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने पारित आदेश द्वारा इस प्रकरण में सरकार को स्वतंत्रता प्रदान की। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने भी शिया सिविल काउंसिल फॉर सोशल जस्टिस द्वारा राज्य सरकार को प्रस्तुत औपचारिक अभ्यावेदनों में उठाई गई गंभीर चिंताओं पर संज्ञान लिया और माँग को विधिसम्मत बताया है।
यह भी पढ़ें… गांधी का नाम हटाना अलोकतांत्रिक : महेश
शिया काउंसिल ने मुहम्मद अली हैदर को एमएलसी बनाने की मांग की
शिया काउंसिल के नेताओं ने कहा कि उनके प्रस्तुत अनुरोध बार-बार बिना किसी ठोस कारण या युक्तिसंगत विचार के अस्वीकृत किए गए हैं। अब माननीय उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट रूप से घोषित किया है कि इस प्रकार की यांत्रिक (मशीनी) अस्वीकृति संविधान में निहित न्यायसंगतता, समानता, पारदर्शिता और मनमानेपन के निषेध जैसे मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है। तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति नागेश भीमापाका ने भी राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इस विषय पर संवैधानिक सिद्धांतों और न्यायिक दृष्टांतों के अनुरूप पुन विचार किया जाए। यह निर्णय संवैधानिक नैतिकता, अल्पसंख्यक अधिकारों तथा शासन में जवाबदेही को सुदृढ़ करता है।
हिदायत अली मिर्जा ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत राज्यपाल को चाहिए कि वे प्राप्त (सोशल सर्विस कोटा) अधिकारों के तहत तेलंगाना विधान परिषद में मोहम्मद अली हैदर को एमएलसी के लिए योग्य प्रतिनिधि के रूप में नामांकित करें। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना, छात्रावास, कल्याण सहायता, आवंटन, विशिष्ट कब्रिस्तानों की सुरक्षा, वक्फ के मामले, हुसैनी भवन, करबला हाउस, सांस्कृतिक केंद्रों, पुस्तकालयों, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संस्था विशेष कल्याणकारी उपायों को सरकार के समक्ष प्रतिनिधित्व करने के लिए उनका अपना एमएलसी होना अनिवार्य है।अवसर पर मुहम्मद अली हैदर के अलावा शब्बीर अली मिर्जा, शकील हैदर, सय्यद हैदर रज़ा ऩकवी, अकबर अली मिर्जा, सय्यद अहमद हुसैनी, असकरी हुसैन, सय्यद असगर अली खान उपस्थित थे।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



