श्रीलंका ने अमेरिकी हमले में मारे गए 80 ईरानी नाविकों के शव बरामद किए

नई दिल्ली। श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास बुधवार को ईरान की नौसेना का जहाज पनडुब्बी हमले के बाद डूब गया। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, हमले में 87 लोगों की मौत हो गई है, कई लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर है।
श्रीलंकाई नौसेना कहा कि जहाज डूबने से 87 लोगों की मौत हो गई, डूबने वाले क्षेत्र से कुछ ईरानी नाविकों के शव मिले हैं। बाकी की तलाश जारी है।

180 लोग थे सवार, बचाव अभियान जारी
- श्रीलंका के विदेश मंत्रालय बताया कि जहाज पर कुल 180 लोग सवार थे और संकट की सूचना मिलते ही श्रीलंका ने नौसेना के जहाज और वायुसेना के विमान बचाव मिशन पर भेजे।
- श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. अनिल जयसिंघे के अनुसार, 79 लोगों को अस्पताल लाया गया। एक की हालत बेहद गंभीर है। सात को आपात उपचार दिया जा रहा है। अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
- IRIS Dena एक मौज-क्लास फ्रिगेट था, जो विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 में भाग लेकर ईरान लौट रहा था। उसी समय जहज पर हमला हुआ।

अमेरिका ने स्वीकारा हमला
US डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुश्मन पर इस तरह का पहला हमला है। इससे पहले दिन में श्रीलंकाई नौसेना ने हिंद महासागर में जहाज के डूबने की पुष्टि की थी।
US-इजरायल-ईरान: युद्ध का पांचवां दिन
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब और व्यापक हो गया है। United States और Israel ने तेहरान सहित कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस युद्ध में ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए।
अब तक क्या-क्या हुआ?
- अमेरिका और इजरायल ने ईरान में लगभग 2000 ठिकानों को निशाना बनाया है।
- हमलों का फोकस परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और सैन्य नेतृत्व ठिकानों पर रहा।
- जवाब में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है।
- तेहरान ने तेल अवीव और यरुशलम सहित इजरायली शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
- खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
क्षेत्र में बढ़ता समुद्री खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर में इस तरह की सैन्य कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। श्रीलंका फिलहाल मानवीय बचाव अभियान पर केंद्रित है, लेकिन यह घटना संकेत देती है कि युद्ध अब समुद्री मोर्चे पर भी खुलकर सामने आ चुका है। मध्य पूर्व और हिंद महासागर क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
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