Spiritual Teachings
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प्रवचन
माता पार्वती के प्रश्न से शिव जी सोच में पड़ गए
प्रजापति दक्ष के यज्ञ-कुंड में देवी सती ने योग अग्नि से देह त्याग दिया था, जिसके बाद भगवान शिव तप…
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आस्था
मांगने की प्रवृत्ति आत्मघाती है
मांगने की प्रवृत्ति सदा से ही अहितकारी कही गई है। इसीलिए हमारी संस्कृति में त्याग का विशेष महत्त्व दर्शाया गया…
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प्रवचन
व्यक्ति जन्म-गोत्र से नहीं, कर्म से बनता है महान : भक्तिदर्शनजी
हैदराबाद, समानता के भाव में सदैव जीना आना चाहिए। मानव सभी श्रेष्ठ हैं, चाहे वह जैन कुल हो या चांडाल…
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सामाजिक समाचार
इंसान का सबसे बड़ा कर्तव्य है अच्छा व्यवहार : रमेशजी
हैदराबाद, इंसान का सबसे बड़ा कर्तव्य या उत्तरदायित्व अच्छा व्यवहार है। इंसान का अर्थ ईश्वर की शान है।यह उद्गार रखते…
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सामाजिक समाचार
कटु वचन से न दुखाएँ दिल : सुधाकँवरजी म.सा.
हैदराबाद, साधु का आचरण आदर्श होना चाहिए। संत के मुखमंडल पर हमेशा प्रसन्नता का भाव आवश्यक है। आचार्य आनंदऋषिजी के…
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