तेलंगाना को मिला एक और तमगा, भारत के प्रति व्यक्ति इनकम चार्ट में सबसे ऊपर
हैदराबाद, प्रति व्यक्ति आय के मामले में तेलंगाना देश का शीर्ष रैंकिंग वाला बड़ा राज्य बन गया है। 3,87,623 रुपये प्रति व्यक्ति आय के साथ तेलंगाना ने कर्नाटक, तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र और केरल सहित कई औद्योगिक रूप से संपन्न राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है। रिज़र्व बैंक ऑ़फ इंडिया की जारी की गई भारतीय राज्यों पर स्टैटिस्टिक्स की नवीनतम हैंडबुक 2024-25 में यह जानकारी दी गयी।
प्रति व्यक्ति आय
तेलंगाना – 3,87,623 रुपये
कर्नाटक – 3,80,906 रुपये
तमिलनाडु – 3,61,619 रुपये
हरियाणा – 3,53,182 रुपये
महाराष्ट्र – 3,09,340 रुपये
केरल – 3,08,338 रुपये
तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय 4,295 डॉलर है, जो 2,777 डॉलर की राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय से ज़्यादा है। विश्व बैंक के अनुसार, यह अपर मिडिल ग्रुप (4,496 डॉलर से 13,935 डॉलर) में जाने के कगार पर है। बड़े राज्यों में तेलंगाना सबसे आगे रहा, जबकि कर्नाटक 3,80,906 रुपये, तमिलनाडु 3,61,619 रुपये, हरियाणा 3,53,182 रुपये, महाराष्ट्र 3,09,340 रुपये और केरल 3,08,338 रुपये रहा। हालांकि दिल्ली, जिसे एक छोटा राज्य माना जाता है, ने देश में सबसे ज़्यादा प्रति व्यक्ति आय 4,93,024 रुपये दर्ज की।
सकल राज्य घरेलू उत्पाद
तेलंगाना- 16.41 लाख करोड़
महाराष्ट्र – 45.32 लाख करोड़
उत्तर प्रदेश – 29.78 लाख करोड़
कर्नाटक – 28.84 लाख करोड़
पश्चिम बंगाल – 18.15 लाख करोड़
राजस्थान – 17.04 लाख करोड़
आरबीआई के डेटा में तेलंगाना के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी तेज़ बढ़ोतरी देखी गई, जो 2024-25 में बढ़कर 16.41 लाख करोड़ रुपये हो गई, जिससे राज्य देश भर में छठे नंबर पर आ गया। महाराष्ट्र 45.32 लाख करोड़ रुपये के जीएसडीपी के साथ पहले नंबर पर रहा, उसके बाद उत्तर प्रदेश 29.78 लाख करोड़ रुपये, कर्नाटक 28.84 लाख करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल 18.15 लाख करोड़ रुपये और राजस्थान 17.04 लाख करोड़ रुपये रहा।
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इस दौरान बेहतर हुए इकोनॉमिक इंडिकेटर्स को नई सरकार का हौसला बढ़ाने वाला माना गया है। 2023-24 में जब पिछली बीआरएस सरकार ज़्यादातर समय सत्ता में थी, तो तेलंगाना का जीएसडीपी 14,61,835 करोड़ रुपये था। कांग्रेस सरकार के तहत यह आंकड़ा बढ़कर 16,40,901 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल के अंदर 1.79 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की बढ़ोतरी दिखाता है। अधिकारियों ने बताया कि खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों, खनन, मैन्युफैक्चरिंग, यूटिलिटीज़ और ट्रेड से जुड़ी सर्विसेज़ समेत सभी खास सेक्टर्स में ग्रोथ दर्ज की गई।
2023-24 में प्रति व्यक्ति आय 3,47,714 रुपये से बढ़कर 2024-25 में 3,87,623 रुपये हो गई, जो आर्थिक सुधार की रफ़्तार को दिखाती है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने इस प्रदर्शन का श्रेय कल्याण आधारित गवर्नेंस और विकास पर लगातार ध्यान को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इंडस्ट्री, एग्रीकल्चर और सर्विसेज़ सेक्टर में विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ बड़ी सोशल स्कीमों को जारी रखने में कामयाब रही।
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