जिला कलेक्टर ने लांच की ‘प्रॉजेक्ट शक्ति- प्रोवाइडिंग नेक्स्ट शक्ति’ पहल
हैदराबाद, मासिक धर्म स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद ईस्ट तथा यूनिपैड्स फाउंडेशन द्वारा प्राँजेक्ट शक्ति- प्रोवाइडिंग नेक्स्ट शक्ति पहल लांच की गई है। 2.5 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य तेलंगाना में 60,000 छात्राओं को पुन: प्रयोज्य सैनिटरी पैड वितरित करते हुए मासिक धर्म के दौरान शिक्षण संस्थानों में अनुपस्थिति को कम करना तथा संबंधित जागरूकता को बढ़ाते हुए स्थायी स्वच्छता समाधान प्रदान करना है।
हैदराबाद जिला कलेक्टर हरिचंदना दासरी ने आज प्रोजेक्ट शक्ति का औपचारिक उद्घाटन कोठी स्थित वीर नारी चाकली अइलम्मा महिला विश्वविद्यालय में किया। अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की छात्राओं में 35 लाख रुपये मूल्य के 7,000 पुन: प्रयोज्य सैनिटरी पैड किट का वितरण किया गया। यह वितरण 60,000 छात्राओं को कवर करने वाली व्यापक पहल का हिस्सा था, जिसे मार्च 2026 तक पूरा किया जाना निर्धारित है। तीन पैड वाले पुन: उपयोग योग्य सैनिटरी पैड, उचित देखभाल के साथ आमतौर पर 12 से 16 महीने तक चलते हैं।
हरिचंदना दासरी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए मासिक धर्म के संबंध में आत्मनिर्भर बनने पर बल देते हुए कहा कि मासिक धर्म पर निर्भरता शिक्षा से वंचित रहने, स्वास्थ्य जोखिम और कलंक का कारण बन सकती है। मासिक धर्म में स्वतंत्रता शारीरिक स्वायत्तता और समानता का प्रतीक है। पुन: प्रयोज्य सैनिटरी पैड के लाभ बताते हुए उन्होंने कहा कि यह किफायती, पर्यावरण के अनुकूल, धोने योग्य और शरीर के लिए आरामदेह होते हैं।
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प्रोजेक्ट शक्ति के माध्यम से 2,000 से अधिक शिक्षण संस्थानों में लाभार्थी छात्राएं
खराब गुणवत्ता वाले, रसायन आधारित सैनिटरी पैड के उपयोग से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, विशेष रूप से गर्भाशय ग्रीवा और अन्य स्री रोग संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान उच्च गुणवत्ता वाले संबंधित उत्पादों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पुन: प्रयोज्य पैड एक अच्छे विकल्प के रूप में सामने आए हैं। जिलाधीश ने छात्राओं को पाठ्यपुस्तकों से परे जाकर बाहरी दुनिया से जुड़ने और बदलाव लाने वाले बनने के लिए चुनौतियों का सामना करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मासिक धर्म स्वच्छता को अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग माना है।
अवसर पर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सूर्या धनंजय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता आत्मविश्वास और स्वतंत्रता प्रदान करती है, जिससे महिलाएं बिना किसी भय या प्रतिबंध के शिक्षा, कार्य और रोजमर्रा की गतिविधियों में पूरी तरह से भाग ले सकती हैं। रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3150 के गवर्नर डॉ. एसवी राम प्रसाद तथा हैदराबाद ईस्ट रोटरी क्लब के अध्यक्ष गोविंद पुट्टा ने क्लब की सेवा पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट शक्ति से 2,000 से अधिक शिक्षण संस्थानों में लगभग 60,000 लड़कियों को लाभ मिलेगा।
रोटेरियन सीवी सुब्बा राव ने बताया कि प्रोजेक्ट शक्ति को रोटरी क्लब ऑफ हैदराबाद ईस्ट (आरआईडी 3150) द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनिपैड्स फाउंडेशन के सहयोग से हैदराबाद, रंगारेड्डी, नलगोंडा, निजामाबाद, वरंगल तथा पेद्दापल्ली जिलों में कार्यान्वित किया जा रहा है। यह पहल भारत सरकार के महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है और तेलंगाना सरकार का भी सहयोग प्राप्त है।
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