समुद्री कौशल सुनिश्चित करने के लिए बार्ज मॉडल का परीक्षण

नई दिल्ली, भारतीय नौसेना के 10वें गोला-बारूद सह-टारपीडो सह-मिसाइल (ए.सी.टी.सी.एम.) बार्ज, एलएसएएम 24 (यार्ड 134) का शुभारंभ ठाणे स्थित मैसर्स सूर्यदीप्त प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कमोडोर राहुल जगत, एसपीएस, पनडुब्बी निगरानी दल (एसओटी) मुंबई उपस्थित थे। ग्यारहवें बार्ज के निर्माण के लिए भारतीय नौसेना ने 5 मार्च, 2021 को मैसर्स सूर्यदीप्त प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया था। इन बार्जों को भारतीय पोत डिजाइन फर्म और भारतीय शिपिंग रजिस्टर (आईआरएस) के सहयोग से स्वदेशी रूप से निर्मित किया गया है।

मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल को बढ़ावा
नौसेना विज्ञान और तकनीकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल), विशाखापत्तनम में समुद्री कौशल सुनिश्चित करने के लिए इन बार्जों का मॉडल परीक्षण किया गया। अब तक नौ बार्ज सफलतापूर्वक सुपुर्द किए जा चुके हैं और भारतीय नौसेना इनका प्रभावी रूप से उपयोग कर रही है। ये बार्ज भारत सरकार की “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” पहल के गौरवशाली प्रतीक हैं। इस परियोजना से स्वदेशी नौसैनिक क्षमताओं को मजबूती मिलेगी और भारतीय नौसेना के परिचालन विकास को नया आयाम मिलेगा। (PIB)

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