तेलंगाना में 11 मई से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण

हैदराबाद, तेलंगाना में जनगणना का पहला चरण आगामी 11 मई से पूरे राज्य में शुरू होगा। यह देश की पहली पूर्ण रूप से डिजिटल जनगणना होगी। राज्य के मुख्य सचिव के. रामकष्ण राव ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया सटीक और पारदर्शी होनी चाहिए।

मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने आज तेलंगाना की जनगणना संचालन निदेशक भारती होलिकेरी के साथ आगामी जनगणना गणना प्रक्रिया की विस्तृत कार्यप्रणाली और तैयारियों के संबंध में जिला कलेक्टरों को अवगत कराया। बैठक में जनगणना के प्रथम चरण पर विशेष चर्चा की गई, जो 11 मई से पूरे राज्य में प्रारंभ होगा।

जिला कलेक्टरों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना 2027 एक ऐतिहासिक मील का पत्थर सिद्ध होगी, क्योंकि यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। संपूर्ण प्रक्रिया फील्ड स्तर पर डाटा संग्रह के लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे रियल-टाइम डाटा संग्रह, अधिक सटीकता, पारदर्शिता और त्वरित प्रसंस्करण सुनिश्चित होगा।

देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना के लिए कलेक्टरों को दिशा-निर्देश

मुख्य सचिव ने बताया कि राज्यभर में 11 मई से हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन (एचएलओ) प्रारंभ होगा। डिजिटल पहल के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन शुरू होने से 15 दिन पूर्व स्व-गणना प्रक्रिया आरंभ की जाएगी, जिससे नागरिक निर्धारित ऑनलाइन मंच के माध्यम से स्वेच्छा से अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे।

मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि व्यापक भौगोलिक समावेश सुनिश्चित की जाए और किसी भी घर, बस्ती, दूरस्थ क्षेत्र, जनजातीय टोला या शहरी झुग्गी को गणना प्रक्रिया से वंचित न छोड़ा जाए। उन्होंने दुर्गम एवं संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए उनके समावेश को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

क्षमता निर्माण के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य सचिव ने गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों सहित फील्ड स्तर के कर्मचारियों के लिए उच्च गुणवत्ता एवं सुव्यवस्थित प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पूर्णतः डिजिटल जनगणना की सफलता फील्ड स्टाफ की तकनीकी दक्षता और तैयारी पर निर्भर करती है।

समयसीमा के पालन, डाटा गुणवत्ता मानकों के संरक्षण, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और प्रत्येक चरण में तकनीकी समन्वय सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। साथ ही कलेक्टरों को तैयारियों की निकट निगरानी करने तथा किसी भी प्रशासनिक या परिचालन संबंधी बाधा का समय रहते समाधान करने के निर्देश दिए।

स्थानीय प्राधिकरणों के साथ किया जाएगा समन्वय

तेलंगाना की जनगणना संचालन निदेशक भारती होलिकेरी ने बैठक में परिचालन ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने राज्य स्तर से लेकर फील्ड स्तर तक सुव्यवस्थित क्षमता निर्माण के लिए तैयार किए गए संरचित प्रशिक्षण मॉडल की जानकारी दी।

साथ ही सुचारु और सुरक्षित डाटा संग्रह सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल आधारित एप्लिकेशन और बैकएंड मॉनिटरिंग तंत्र सहित उन्नत डिजिटल प्रणालियों के एकीकरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने फील्ड स्तर की तैयारियों जैसे गणना खंडों का अंतिम निर्धारण, क्षेत्राधिकार सीमाओं का सत्यापन, उपकरणों की उपलब्धता और स्थानीय प्राधिकरणों के साथ समन्वय आदि विषयों पर भी कलेक्टरों को जानकारी दी।

बैठक में नागरिक प्रशासन विभाग के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन, समान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव राहुल बोज्जा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव संदीप कुमार सुल्तानिया, जनसंपर्क विभाग की विशेष आयुक्त प्रियंका तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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