मानू में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आरंभ

हैदराबाद, मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में सामाजिक न्याय और समावेशन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आरंभ हुई। विश्वविद्यालय के अल-बेरुनी सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल इंक्लूजन द्वारा आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (आईएमटी) के निदेशक प्रो. के.एम. बहारुल इस्लाम उपस्थित थे।

जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सामाजिक न्याय और समावेशन : हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए चुनौतियाँ और संभावनाएँ विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रो. के.एम. बहारुल इस्लाम ने सामाजिक न्याय और समावेशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक शासन को मजबूत करने के लिए समावेशी नेतफत्व और संस्थागत उत्तरदायित्व आवश्यक है।

मानू के मानद प्रोफेसर प्रो. अमिताभ कुंडू ने भारत की विकास प्रक्रिया में क्षेत्रीय असमानताओं, शहरीकरण और हाशिए पर पड़े समुदायों पर उनके प्रभावों का एक गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। मानू के कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने अध्यक्षीय भाषण देते हुए सामाजिक समावेश को बढ़ावा देने हेतु साक्ष्य आधारित नीति निर्माण और सहयोगात्मक अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए समान अवसरों के माध्यम से वंचितों तक पहुँचने की मानू की प्रतिबद्धता पर बल दिया।

यह भी पढ़ें… ग्लोबल बुक ऑफ एक्सीलेंस की ओर से ब्रह्मानंदम का सम्मान  

अल-बेरुनी सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल इंक्लूजन के प्रभारी निदेशक प्रो. दानिश मोइन ने स्वागत भाषण में सामाजिक असमानताओं को दूर करने में अंतर्विषयक अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया। मानू के कला और सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो. पीएच मोहम्मद ने सामाजिक न्याय उन्मुख शिक्षा और अनुसंधान के प्रति विश्वविद्यालय की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। अवसर पर डॉ. मो. करीम, डॉ. आयशा उज़्मा सहित अन्य उपस्थित थे।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button