किसान ऋण माफी को लेकर सदन में हंगामा

हैदराबाद, राज्य विधानसभा में आज किसान ऋण माफी को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कहा कि भारास सरकार ने चार किश्तों में किसानों के ऋण माफ किये थे, जो ब्याज भरने तक ही सीमित रहे। भारास के विधायक पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने बीच में उठकर मंत्री को बोलने से रोकने का प्रयास किया तब मंत्री ने कहा कि आप बैठ जाएँ मुझे पता है क्या बोलना है और आपने किसान ऋण माफी के लिए क्या किया है।

विधानसभा में आज विभिन्न अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए भाजपा के विधायक पायल शंकर ने कहा कि भारास के शासनकाल के दौरान राज्य की खस्ताहाल आर्थिक स्थिति का हवाला देने वाले मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मात्र 200 कि.मी की दूरी पर स्थित प्रोजेक्ट की समीक्षा करने जाने के लिए हेलिकॉप्टर का उपयोग कर अनावश्यक रूप से खर्च बढ़ा रहे हैं, जबकि सड़क मार्ग के जरिए भी जाया जा सकता है।

किसान ऋण माफी योजना पर मंत्री की महत्वपूर्ण बातें

जो पैसा खर्च कर रहे हैं वह जनता का पैसा है। उसी समय कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि हमें क्या करना है, हमें अच्छी तरह से पता है, क्योंकि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद एक ही बार में किसान ऋण माफ करने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये जारी किये, वह भी सत्ता में आने के बाद मात्र 14 माह के भीतर, जबकि भारास सरकार ने दस वर्ष के शासन काल में किसान ऋण माफ करने के लिए मात्र 11 हजार करोड़ रुपये ही जारी किये।

दूसरी बार सत्ता में आने के बाद चुनाव से मात्र तीन माह पूर्व ऋण माफी योजना को अमल में लाया गया और कुछ किसानों को ही इसका लाभ देकर इसका भार भी वर्तमान कांग्रेस सरकार के कंधों पर डाल दिया गया। कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर ने बताया कि सरकार प्रति परिवार 2 लाख रुपये के ऋण माफ करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है, इसमें किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।

किसान ऋण माफी और नगरपालिकाओं के अधिकार पर बहस

उन्होंने कहा कि आगामी 31 मार्च तक रैतु भरोसा की रकम भी किसानों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी। उन्होंने भारास की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों के साथ धोखा करने वालों को ऋण माफी योजना के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि देश में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर किसान ऋण माफी योजना को पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत मनमोहन सिंह के शासन काल में अमल में लाते हुए 70 हजार करोड़ रुपये जारी किये गये थे। इस दौरान भारास के पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने बीच में उठकर नागेश्वर राव रोकने का प्रयास किया, तब नागेश्वर राव ने कहा कि पल्ला जी आप बैठ जाएँ, रैतु बंधु अध्यक्ष होने के नाते मुझे रैतु बंधु के बारे में अच्छी तरह से पता है, आपको बोलने की आवश्यकता नहीं है।

मंत्री के बयान के बाद चर्चा जारी रखते हुए पायल शंकर ने कहा कि वे किसी प्रकार की राजनीतिक आलोचना नहीं कर रहे हैं, लेकिन जब तक नगरपालिकाओं को अधिकार स्वेच्छा नहीं दी जाती है उनका विकास संभव नहीं है। नगरपालिका संबंधी कार्यों का निर्णय हैदराबाद में करने के बजाए उन्हें स्वयं निर्णय करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमियों को बेचने के बजाए उनका संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि हम सरकार चला रहे हैं, न कि कोई रियल एस्टेट का व्यापार कर रहे हैं।

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केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर बहस

इस पर विधायी मामलों व आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने बीच में टोकते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार है और केंद्र सरकार ने वर्तमान समय तक कई सरकारी कंपनियों को बेच दिया। एलआईसी का निजीकरण कर रही है, इतना ही नहीं डिफेंस का भी निजीकरण किया जा रहा है। भाजपा केंद्र में इस प्रकार के कार्यों का क्यों समर्थन कर रही है और राज्य में विरोध जता रही है।

पायल शंकर ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं का कल्याण और विकास चाहती है तो उसे आबकारी की आय को कम करना होगा, क्योंकि आबकारी की आय बढ़ने से महिलाएं मात्र तीस वर्ष की आयु में ही विधवा हो रही हैं। आबकारी की आय को बढ़ाने के लिए एक एक गांव में 10 से 15 बेल्ट शॉप को मंजूरी दी गयी, जिस कारण लोग नशे की लत का शिकार होकर युवावस्था में अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में हवाईअड्डों की संख्या बढ़ने से पूंजी निवेश आकर्षित होता है और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। इसके पूर्व केंद्र सरकार ने आदिलाबाद में एयरफोर्स स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन तत्कालीन भारास सरकार ने इसके लिए मंजूरी देने हेतु सिकंदराबाद स्थित बैसन पोलो मैदान राज्य सरकार को सचिवालय के निर्माण हेतु सौंपने की शर्त रखी थी, जिस कारण केंद्र सरकार पीछे हट गयी। उन्होंने कांग्रेस सरकार से इसके संदर्भ में केंद्र सरकार को पत्र लिखने का आग्रह किया, जिससे आदिलाबाद में एयरफोर्स स्टेशन की स्थापना हो सके।

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