कटक हिंसा के बीच 12 घंटे का कर्फ्यू, सुरक्षा बल तैनात
कटक, ओडिशा के कटक शहर में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हिंसा और उसके बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं एवं पुलिस के बीच हुई झड़पों को लेकर तनाव व्याप्त है। हिंसा के बाद कटक में निषेधाज्ञा लागू किया गया है और सोमवार को 12 घंटे का बंद जारी है। अधिकारियों ने बताया कि कटक के 20 में से 13 थाना क्षेत्रों में रविवार रात निषेधाज्ञा जारी की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए रविवार शाम सात बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। दरगाहबाजार इलाके में हाथी पोखरी के पास शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात स्थानीय लोगों ने विसर्जन में तेज संगीत बजाने पर आपत्ति जताई थी जिसके बाद झड़पें हुईं। बहस जल्द ही झड़प में बदल गई और पथराव के साथ ही कांच की बोतलें भी फेंकी गईं।
मोटरसाइकिल रैली पर रोक के बाद फिर भड़की हिंसा, 25 घायल
झड़पों में खिलाड़ी ऋषिकेश दिनयानदेव सहित छह लोग घायल हो गए। पुलिस पर विसर्जन पर हमले को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए विहिप ने सोमवार को 12 घंटे के बंद का आह्वान किया। रविवार को बंद के समर्थन में विहिप कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली गई मोटरसाइकिल रैली को पुलिस ने उपद्रवग्रस्त इलाके में पहुंचने पर रोक दिया, जिसके कारण फिर से हिंसा भड़क उठी। आठ पुलिसकर्मियों सहित 25 लोग घायल हो गए।
गौरीशंकर पार्क इलाके में कई दुकानों में कथित तौर पर आग लगा दी गई। सुबह छह बजे शुरू हुए बंद का मिला-जुला असर रहा। सरकारी कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान खुले रहे लेकिन उपस्थिति कम रही। बाजार और पेट्रोल पंप खुले रहे और सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध था, हालांकि पाबंदियों के कारण यातायात सामान्य से कम रहा। एसीपी नरसिंह भोल ने दावा किया कि सुबह से स्थिति सामान्य है।
कटक में 2600 से अधिक सुरक्षाबल तैनात, निगरानी तेज़
नरसिंह भोल ने बताया कि कटक में राज्य पुलिस के 1,800 जवानों के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और ओडिशा स्विफ्ट एक्शन फोर्स के लगभग 800 जवान तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त जारी है और कटक में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों को कटक शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है, सिवाय यहां काम करने वालों और एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों के। यात्री बसों को प्रवेश द्वारों पर ही रोक दिया जा रहा है। बाहर से आने वाले असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए शहर के सभी प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया गया है।
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एडीजी (कानून व्यवस्था) संजय कुमार ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है और सभी एजेंसी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी क्षेत्र में स्थिति पर नजर रख रहे हैं और कानून को अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। (भाषा)
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