लोगस्स और नमोत्थुणं के बारे में जानकारी रखें श्रावक : श्रुतमुनिजी
हैदराबाद, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रमणोपासक संघ के तत्वावधान में रामकोट स्थित गुरु गणेश जैन भवन में आयोजित प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए श्रमण संघीय उप-प्रवर्तक श्रुतमुनिजी म.सा. ने लोगस्स एवं नमोत्थुणं का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रावक श्राविकाओं को लोगस्स एवं नमोत्थुणं के बारे में जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
यहाँ रतनचंद कटारिया, शांतिलाल छाजेड़ एवं प्रिया कोठारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, म.सा. ने 18 से 20 अप्रैल तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय पारणा महोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि महोत्सव में भाग लेकर सभी वर्षी तप तपस्वियों की अनुमोदना करें। प्रवचन सभा में तपस्वी राज अक्षर मुनिजी म.सा. ने आगम के आवश्यक सूत्र के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि 84 लाख जन्मों के बंधन को तोड़ने के लिए सामायिक करना आवश्यक है।
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सामायिक में स्थिर रहने पर ही साधना सफल होती है। अस्थिरता से आत्मा की उन्नति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि भक्ति से जुड़ने पर ही जीवन में परिवर्तन आता है। संघ के महामंत्री राजेश सुराणा ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
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