कान्हा शांति वनम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 50 दिवसीय काउंटडाउन शुरू

हैदराबाद, हार्टफुलनेस ग्लोबल मुख्यालय कान्हा शांति वनम की सुबह आज योगमय हो उठी। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय तथा मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के तत्वावधान में आज यहां 21 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पचास दिवसीय काउंटडाउन का आयोजन किया गया। भव्यरूप से आयोजित इस समारोह में लगभग छह हजार लोगों ने एक ही स्थान पर भुजंगासन का सामूहिक प्रदर्शन करते हुए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया।

योग के माध्यम से स्वास्थ्य, कल्याण और शांति के लिए वैश्विक आंदोलन को प्रेरित करने वाले इस समारोह के मुख्य अतिथि आयुष मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव तथा केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी थे। कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्थान के मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल दाजी, सांसद डी.के.अरुणा, विधायक के.शंकरैया, आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा, संयुक्त सचिव मोनालिसा दास तथा मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक डॉ. काशीनाथ समागंडी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

मंत्री प्रतापराव जाधव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी तथा गतिशील नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ने वैश्विक स्वास्थ्य उत्सव के रूप में अपनी पहचान बनाई है। योग अब शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा देने वाला एक शक्तिशाली साधन बन चुका है। योग ने समग्र कल्याण और स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में भी भारत की भूमिका को सशक्त किया है। प्रतापराव जाधव ने सभी लोगों को को योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए सात्विक तथा प्राकृतिक आहार अपनाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न पहलों तथा एआई जैसी तकनीकि द्वारा योग अधिक सुलभ तथा प्रासंगिक बन गया है। अपने संबोधन में उन्होंने दाजी के मार्गदर्शन में हार्टफुलनेस संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

ऊर्जावान राष्ट्र का निर्माण भी सुनिश्चित होगा

जी.किशन रेड्डी ने कहा कि योग केवल भारत की प्राचीन विरासत नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए एक अनमोल उपहार है। राष्ट्र निर्माण में योग की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के विजन को साकार करने के लिए हमें एक स्वस्थ शांतिपूर्ण और अनुशासित समाज का निर्माण करना होगा। इसके साथ ही जब समाज का हर जन योग को अपनाएगा, तो ऊर्जावान राष्ट्र का निर्माण भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि योग को जन-आंदोलन बनाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि हैदराबाद ने अपनी तकनीकी क्षमता और नवाचार आदि द्वारा विश्व पटल पर अपनी धाक जमाई है। अब समय है कि यह शहर योग और वेलनेस के अंतरराष्ट्रीय हब के रूप में भी उभरे।

हम अपना जीवन केवल योग के माध्यम से बदल सकते

आयोजन का आकर्षण सामान्य योग प्रोटोकॉल का उत्साहजनक सामूहिक प्रदर्शन भी रहा। जिसका संचालन डॉ. काशीनाथ समागंडी तथा उनकी टीम ने किया। इसके उपरांत दाजी के सानिध्य में आयोजित हार्टफुलनेस ध्यान सत्र ने जनसमूह को मानसिक शांति और गहन एकाग्रता का अनुभव कराया। अवसर पर दाजी ने कहा कि ध्यान और योग मानवता के लिए सबसे बड़े उपहार हैं। हम अपना जीवन केवल योग के माध्यम से बदल सकते हैं।

समग्र स्वास्थ्य, कल्याण और टिकाऊ जीवन शैली को बढ़ावा देने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करने वाले इस कार्यक्रम में चीन, वियतनाम, सिंगापुर, कोलंबिया, लेसोथो, बुल्गारिया, क्यूबा, नामीबिया, कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया सहित बीस से अधिक देशों प्रतिनिधि भी जुडे।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button